कॉलोनी के लोग बोले: कभी पार्षद नहीं आए, पार्षद ने कहा: थोड़ा इंतजार कर लें, मैं बनवा दूंगा
शिवपुरी। शहर की दर्पण कॉलोनी में सीवर के चैंबर उफनने से गंदा पानी घरों में घुसने लगा। स्थानीय रहवासियों ने सभी जिम्मेदारों से गुहार लगाई, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो फिर 6- 6 हजार रुपए चंदा इकठ्ठा करके नाली का निर्माण शुरू कर दिया। वार्ड 39 के पार्षद का कहना है कि हमने कहा है कि थोड़ा इंतजार कर लो, मैं नाली बनवा दूंगा, तो वहीं लोगों का कहना है कि बरसात में हालात बिगड़ेंगे, तो कैसे निकल पाएंगे।
झील संरक्षण पायलेट प्रोजेक्ट को शिवपुरी में इसलिए स्वीकृत किया गया, ताकि झीलों में सीवर की गंदगी नालों के माध्यम से न पहुंचे। इसके लिए शिवपुरी शहर में सीवर प्रोजेक्ट 2 साल में पूरा करने का एग्रीमेंट हुआ, जो पिछले 12 साल से अधूरा होकर व्यवहारिक रूप से फैल हो गया। बावजूद इसके उक्त प्रोजेक्ट में लगातार करोड़ों की राशि खर्च की जा रही है, जिस पर उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर ने भी तल्ख टिप्पणी की है।
सीवर की गंदगी बहाने बना रहे नाली::
शिवपुरी शहर के मुख्य बाजार की नालियों में से होकर सीवर की गंदगी बह रही है, जो प्रमुख नालों में जाकर मिल रही है। नालों में से होकर यह गंदगी जाधव सागर की साइड से नाले में होकर कर्बला होते हुए चांदपाठा झील में पहुंच रही है।
जो प्रोजेक्ट फैल, उसमें क्यों खपा रहे राशि.
शिवपुरी शहर में पिछले 12 साल से सीवर प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। ट्रीटमेंट प्लांट भी 9 साल से पानी आने का इंतजार कर रहा है, लेकिन उसमें लाश आ रही हैं। शहर में जगह-जगह सीवर के चैंबर टूटने से लाइन ब्लॉक पड़ी है, जो बरसात के मौसम में उफनते हैं। इन चैंबरों में लोगों ने कई जगह अपने घरों के चैंबर जोड़ लिए, जिससे शहर में कई जगह चेंबर उफन कर प्रदूषण फैलाएंगे।




