सीएमओ बोले: मैं विजिट करके देखूंगा स्थिति, कचरे से शुरू करेंगे नपा की आय, लगाएंगे प्लांट
शिवपुरी। हर रोज सुबह गाना गाती हुई घर-घर पहुंचने वाली कचरा गाड़ी कहीं बंद न हो जाए, क्योंकि ट्रंचिंग ग्राउंड फुल हो चुका है, तथा आसपास रहने वाले लोग बाहर कचरा फेंकने नहीं दे रहे। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी जेल एवं सीआरपीएफ के कमांडो ट्रेनिंग स्कूल के स्टाफ ने भी पूर्व में आपत्ति दर्ज कराई थी, तथा हाईकोर्ट में इसकी पीआईएल भी लगाने की तैयारी है।
गौरतलब है कि बड़ौदी के आगे सीआईएटी के पास एक खाली मैदान को नगरपालिका का ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाया गया था। जहां पर कचरे के ढेर लग रहे हैं, वहीं से शिवपुरी जेल की दीवार भी शुरू होती है। शुरुआत में तो कचरा कम था, इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं हुई, लेकिन जब यहां कचरे के बड़े ढेर लग गए, तो उसके पास शिवपुरी जेल का निर्माण भी कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि जेल की दीवारों से टिकाकर ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे उठने वाली दुर्गंध जेल में रहने बंदियों के अलावा वहां मौजूद स्टाफ के लिए परेशानी बन गया है। इतना ही नहीं इन कचरे के ढेरों से उठने वाली बदबू सीआईएटी के लिए भी बड़ी समस्या बन गई।
चूंकि ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा इतना अधिक इकठ्ठा हो गया कि अब नगरपालिका की कचरा गाड़ी एवं ट्रैक्टर ट्रॉलियां रिहायशी इलाकों के पास ही बाहर कचरा डालने लगीं। कचरे के साथ फेंके जाने वाले मृत पशुओं से उठने वाली दुर्गंध जब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बनने लगी तो बुधवार को महिला-पुरुषों ने इकठ्ठा होकर नपा कर्मचारियों को कचरा फेंकने से रोका। जिसके चलते उनके बीच में विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई।
कचरे से खाद बनाने के दावे हुए हवा:
नगरपालिका शिवपुरी में आने वाले कई सीएमओ यह दावा करके खबरें भी प्रकाशित करवा चुके कि हम कचरे से खाद बनाकर नपा की आय को बढ़ाएंगे। एक बिहारी सीएमओ ने तो प्लांट के नाम पर कुछ मशीनें भी लगवा दी थीं, लेकिन न खाद बनी और न कचरे के ढेर कम हुए।
नवागत सीएमओ का भी वो ही गाना:
नगरपालिका के नवागत सीएमओ यशवंत राठौर का कहना है कि मैं विजिट करने जाऊंगा। वहां कचरे से खाद बनाकर नपा की आय बढ़ाएंगे। लगता है हर आने वाला सीएमओ एक ही डायलॉग याद करके आता है, और बिना कुछ करे रवानगी डाल देता है।

