
नई सड़क बनाने से मौत के गड्ढे बने सीवर चैंबर, प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट नाराज, शहर में गंभीर खतरे
पीएचई ने पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर झाड़ा पल्ला, बारिश का पानी भरने पर होंगे हादसे
शिवपुरी। दो साल में पूरा करने का एग्रीमेंट होने के बावजूद 12 साल बाद भी अधूरा पड़ा सीवर प्रोजेक्ट शिवपुरी शहर की जनता के लिए जान का जोखिम बना हुआ है। छत्री रोड पर नई सड़क बनने से सीवर के चैंबर अधिक गहरे हो जाने से यह गम्भीर हादसों को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि आमजन की जान के लिए खतरा बने इन गड्ढों को सुधारने की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा।
गौरतलब है कि विष्णु मंदिर से लेकर टूरिस्ट विलेज, भदैया कुंड से होकर कर्बला तक पहले से अच्छी सड़क के ऊपर ही नई डामर की परत डाल दी। इस रोड पर पहले से ही सीवर के चैंबर झटके दे रहे थे, लेकिन अब सड़क ऊँची तथा चैंबर गहराई में नीचा हों जाने से यह दुपहिया से लेकर चारपहिया वाहनों के लिए गम्भीर खतरा बने हुए हैं। अब शिवपुरी के पर्यटन स्थलों से लेकर टूरिस्ट विलेज तक की नई सड़क पर खतरों के गड्ढों की भरमार हो गई। बीते मंगलवार की रात को ही सड़क का काम पूरा हुआ है, तथा बुधवार से ही यह खतरनाक गड्ढे नजर आना शुरू हुए हैं। इस रोड पर अभी सिद्धेश्वर मेला भी चल रहा है, तथा बाहर से आने वाले सैलानी भी इसी रोड से होकर सिंधिया छत्री व भदैया कुंड घूमने जाते हैं।
सीवर प्रोजेक्ट के खतरे अन्य सड़कों पर भी::
शिवपुरी शहर में चल रहा सीवर प्रोजेक्ट केवल सफेद हाथी बनकर रह गया है। कोई भी जिम्मेदार इसकी सफलता की गारंटी नहीं ले रहा, लेकिन प्रोजेक्ट के तहत मुख्य सड़कों पर बनाए गए चेंबर आमजन की जान के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। छत्री रोड के अलावा झांसी तिराहे से आईटीआई गेट तक, ग्वालियर नाके से भूत पुलिया वाली सड़क पर भी सीवर चैंबर शहर की जनता के लिए गम्भीर हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। यानि शहर के आउटर की सभी सड़कों पर सीवर प्रोजेक्ट के नाम पर खतरे के चैंबर बना दिए गए।
शहर के युवा एडवोकेट ने लगाया मामला:
हाईकोर्ट ग्वालियर ने बीते रोज शिवपुरी के सीवर प्रोजेक्ट में खर्च की जा रही करोड़ों की राशि, उससे मिलने वाला लाभ एवं झील तालाबों के संरक्षण के नाम पर हो रहे खिलबाड पर तल्ख टिप्पणी की है। जिम्मेदार अधिकारी न्यायालय में कोई जवाब नहीं दे पा रहे, तथा शिवपुरी शहर की जनता को खतरे में झोंके हुए हैं।
बोले ईई: हमने तो पत्र लिख दिए, अब सुधार तो पीडब्ल्यूडी ही करेगा
जब सड़क बना रहे थे, तभी हमने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा था। सड़क बनने से चेंबर गहरे होने से दुर्घटना की आशंका जताते हुए एक पत्र जिलाधीश को भी दिया है। अब उनमें सुधार पीडब्ल्यूडी ही करेगा।
शुभम अग्रवाल, ईई पीएचई शिवपुरी





