जल संकट के लिए कौन रहा जिम्मेदार, बरसात से पहले की तैयारी व शहर विकास पर लिए सुझाव
शिवपुरी। देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार की शाम केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के ऑफिस में शिवपुरी नगरपालिका के 25 पार्षदों के साथ डेढ़ घंटे की बैठक हुई। जिसमें नपाध्यक्ष के अलावा नपा एई एवं ट्रैफिक प्रभारी भी निशाने पर रहे। पिछले दिनों गहराए जल संकट के लिए जिम्मेदार कौन रहा?, तथा आने वाले बरसात के मौसम में शहर में क्या हालात बनेंगे, उसकी क्या तैयारी की जाए, जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने चर्चा के दौरान प्रमुख बातों को नोट भी किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में बैठक की शुरुआत में भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव ने रविवार को हुई बैठक के एजेंडे में पार्षदों की हस्ताक्षरयुक्त मांग के बारे में बताया कि नपाध्यक्ष के साथ पार्षद काम नहीं करना चाहते। इसके बाद एक-एक करके पार्षदों से चर्चा शुरू करके उनके वार्ड की स्थिति के बारे में पूछा। शिवपुरी शहर में पिछले दिनों गहराए जल संकट के बारे में बताया कि सिंध जलावर्धन जब भरोसेमंद नहीं थी, तो पूर्व से टैंकर आदि की व्यवस्था नहीं की गई। बरसों से नपा में जमे एई सचिन चौहान ने सिंध की लाइन नई काटी जाने वाली कॉलोनियों में पहले डलवा दी, जबकि शहर का मुख्य बाजार छोड़ दिया। अब बरसात से पूर्व बाजार की सड़कों को खोद दिया गया, जिससे लोग बारिश के मौसम में गिरकर चोटिल होंगे, तथा दुकानदार भी परेशान रहेंगे।
ट्रैफिक प्रभारी को बताया शोमैन:
पार्षदों ने शिवपुरी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए ट्रैफिक प्रभारी को शोमैन बताया, जो वीआईपी के आने पर ही नजर आते हैं। किसी भी शहर को व्यवस्थित करने में ट्रैफिक का बड़ा योगदान रहता है, लेकिन शिवपुरी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चारो खाने चित्त है।
नाला सफाई की छोटी पोकलेन किराए पर::
पार्षदों ने बताया कि नगरपालिका ने एक छोटी पोकलेन इसलिए खरीदी थी कि नालों की सफाई नियमित होती रहेगी। वो मशीन नाले की सफाई करने की बजाए किराए पर चलाई जा रही है। जिसके चलते नाले गंदे होने से बरसात में जलभराव की समस्या आएगी।
कुछ पार्षदों की बात पर पकड़ा माथा::
एक पार्षद ने कहा कि यदि मुझे दो सफाईकर्मी मिल जाएं तो मैं अपने वार्ड को आदर्श वार्ड बना दूंगा। एक पार्षद ने अपने वार्ड में माली की मांग रखी। ऐसी बातें सुनकर वहां बैठे कुछ लोग माथा पकड़ कर बैठ गए।
घूमते रहे पिछलग्गू::
बैठक के दौरान शिवपुरी से गए कुछ पिछलग्गू नेता वहां अनावश्यक ही घूमते रहे। जिस वजह से पार्षद खुद को असहज महसूस करते रहे। जिनमें कुछ तो बिना किसी पद के ही पहुंच गए।
मूल भाजपाइयों की बैठक का भी असर::
पिछले दिनों प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के बाद पार्षदों ने जो मन की भड़ास निकाली, वो भी भोपाल से लेकर दिल्ली तक चर्चा में रही। पुराने भाजपाइयों ने आयातित नेताओं के बारे में जो कुछ कहा, उसका भी प्रभाव रहा। जिसके चलते पार्षदों को पहले शिवपुरी और फिर दिल्ली में एकजुट किया गया।




