
किराए के लगे 9 बड़े टैंकरों में डीजल न होने से थमे पहिए, रात में हो गई थी ड्राइवरों में मारपीट
शिवपुरी। मानसून आने का नाम नहीं ले रहे, शहर में पानी की समस्या आए दिन गड़बड़ा रही है। दो-तीन दिन से सिंध की सप्लाई ठप हो गई, तथा शहर में जलापूर्ति के लिए लगाए गए बड़े टैंकर भी बंद हो गए। शुक्रवार की दोपहर जब हमने भदैया कुंड हाइड्रेंट पर जाकर देखा, तो 6 बड़े टैंकर खड़े थे।
हाइड्रेंट पर मौजूद नगरपालिका के कर्मचारी बबलू कुशवाह ने बताया कि रात में टैंकर चालक के साथ उसके कुछ साथी ड्राइवरों ने मारपीट कर दी थी। इसके अलावा टैंकरों में डीजल न होने की वजह से उनके पहिए थम गए हैं। नपा शिवपुरी ने 9 बड़े टैंकर जलापूर्ति के लिए किराए पर लगाए हैं, जिन्हें हाइड्रेंट एक घंटे में एक टैंकर भर देता है। इन टैंकरों से शिवपुरी शहर के फिजिकल, फतेहपुर एवं गांधी पार्क में पानी की सप्लाई की जा रही है। आज दोपहर पौने 3 बजे तक टैंकरों में डीजल नहीं आया था, जिसे टैंकर मालिक को भरवाना था। चूंकि इन दिनों पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच पानी की खपत अभी भी अधिक है, लेकिन शहर में पानी की सप्लाई फिर से ठप हो गई।
मानसून में ही रही देरी के बीच न तो कूलरों में पानी की खपत कम हो रही, और न ही शहर में नियमित पानी की सप्लाई हो पा रही। नगरपालिका में चल रहे घमासान के बीच शहर की जनता को पानी कैसे मिल पाएगा?, इसकी जिम्मेदारी भी कोई नहीं ले रहा। पिछले दिनों यह बताया गया था कि बड़े टैंकर बंद कर दिए गए हैं, जबकि भदैया कुंड हाइड्रेंट पर वर्तमान में 6 बड़े टैंकर खड़े हैं, तथा 3 टैंकर पानी की सप्लाई में जाना बताया गया है। यानि इन टैंकरों से शहर में सप्लाई हो रही हो या नहीं, लेकिन कागज़ों में उनके पूरे चक्कर तथा डीजल का खर्चा डाला जा रहा है। अफसोस है कि भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात नगरपालिका पानी जैसी मूलभूत सुविधा में भी घोटाला करने से परहेज नहीं कर रही।







