
माफी की जमीनों से रास्ता निकालकर काटी गईं कॉलोनियां, कुछ जमीनों पर धन्नासेठों का कब्जा
शिवपुरी। देश के अभी अयोध्या में मंदिर के नाम पर खरीदी गई जमीन में घोटाला तथा चंदा चोरी की चर्चा सरगर्म है, तो वहीं शिवपुरी में प्राचीन मंदिरों के नाम से माफी वाली जमीनों को खुर्दबुर्द किया जा रहा है। यह क्रम अभी रुका नहीं है, बल्कि राजस्व महकमे के साथ मिलकर अनवरत जारी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त मंदिर की माफी जमीनों के मालिक जिलाधीश है, बावजूद इसके यह कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा।
गौरतलब है कि शिवपुरी में जो प्राचीन मंदिर हैं, उनके नाम से माफी की जमीन शहर व उसके आसपास दी गई थी। यह जमीन भले ही मंदिर के नाम होती है, लेकिन इस पर अधिकार स्थानीय प्रशासन का होता है। शिवपुरी शहर में प्राचीन सरबदी बाई का मंदिर, खेड़ापति मंदिर, बलारी माता मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर सहित दर्जनों मंदिर हैं, जिनकी माफी की सैकड़ों बीघा जमीन मौजूद है।
माफी वाली जमीनों पर भूमाफिया की नजर:
मंदिरों की माफी वाली जमीनों पर अब भूमाफिया की नजर पड़ चुकी है। राजस्व विभाग के लोगों से मिलकर न केवल यह भूमाफिया जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं, बल्कि उन जमीनों में से रास्ते बनाकर कॉलोनियां काट रहे हैं। खेड़ापति मंदिर की माफी वाली जमीन का भी यही हाल है, जिसकी शिकायत पुजारी द्वारा प्रशासन से कई बार की जा चुकी है, लेकिन सांठगांठ के चलते उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
करोड़ों रुपए कीमती हैं माफी की जमीनें:
शिवपुरी शहर में मंदिर की माफी जमीने मौके जिस जगह पर है, उनकी कीमत करोड़ों रुपए है। फिर चाहे बायपास पर पीएस होटल के सामने की जगह हो, या फिर गुना नाके के पास, श्रीराम मंदिर टॉकीज के सामने सहित शहर में कई जगह पर जमीनें मौजूद हैं।
कब्जा हटाने की बजाए पुजारियों को हड़का रहे:
पुजारी संघ के अध्यक्ष व खेड़ापति मंदिर के पुजारी लक्ष्मण त्यागी अभी तक कई आवेदन देने के अलावा सीएम हेल्पलाइन तक लगाई है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुजारी त्यागी ने बताया कि मैं वर्ष 2007 से शिकायत कर रहे हैं,लेकिन सुनवाई अभी तक नहीं हुई। अब तो प्रशासन भी पुजारियों को धमका रहा है।




