बाढ़ई परिवार की कब्जे वाली जमीन पर नपा के बोर से हो रही रेत धुलाई से नई बनी सड़क में हुए गड्ढे
नपाध्यक्ष बोलीं: फार्म हाउस व बोर हमारा निजी है, जिससे हम निशुल्क भरवा रहे नपा के टैंकर
शिवपुरी। सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई न आने से शिवपुरी शहर की जनता बूँद-बूँद पानी के लिए परेशान है, तो वहीं दूसरी तरफ नगरपालिका के हाइड्रेंट से रेत के डंपरों की धुलाई चल रही है। स्थिति यह है कि पानी ढोने वाले टैंकर का नंबर रेत धुलाई के बाद आ रहा है। उक्त जगह पर नपा के इस हाइड्रेंट से लगातार होने वाली रेत धुलाई की वजह से नई बनी थीम रोड में भी गड्ढे हो गए हैं। जिस जगह रेत धुलाई व टैंकर भराई का यह कार्यक्रम चल रहा है, वो जगह एक बाढ़ई परिवार की बताई जाती है, जिस पर नपाध्यक्ष का कथित तौर पर कब्जा है। हालांकि नपाध्यक्ष का कहना ह कि यह फार्म हाउस हमारा है तथा उसके सामने लगा बोर भी हमारा निजी है।
नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को शिवपुरी का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस है। जिसके चलते लोग एक तरफ घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे, तो वहीं दूसरी ओर पानी के लिए भटक रही शहर की जनता ट्युबबेलों पर लाइन लगाकर अपने नम्बर का इंतजार कर रही है। शहर की जनता को पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिस नगरपालिका की है, उसी नपा के झांसी रोड पर हवाई पट्टी के सामने लगे हाइड्रेंट पर बेरोकटोक डंपरों में भरकर आने वाली रेत की धुलाई में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहाया जा रहा है। बताते हैं कि यह फार्म हाउस बबलू बाढ़ई का है, जिस पर पिछले लंबे समय से नपाध्यक्ष का कब्जा है। फार्म हाउस के बाहर सड़क किनारे लगा ट्यूबबेल भी नपा का बताया जाता है, जिससे पूरे दिन रेत से भरे डंपरों की धुलाई होती है। चूंकि झांसी तिराहे से हवाई पट्टी के आगे तक नई थीम रोड बनाई गई है, लेकिन रेत धुलाई की वजह से नई सड़क में कई जगह गहरे गड्ढे होने से सड़क ऊबड़ खाबड़ हो गई है। यहां पर न केवल रेत की धुलाई हो रही है, बल्कि सड़क पर ही रेत के ढेर भी लगे हुए हैं।
नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा से सीधी बात:
सवाल: हवाई पट्टी के सामने क्या बबलू बाढ़ई के फार्म हाउस पर आपका कब्जा है?
जवाब: वो फार्म हाउस किसी बाढ़ई का नहीं है, बल्कि हमारा है, जो मेरे भाई के नाम से है।
सवाल: फार्म हाउस के बाहर लगा बोर क्या नपा का है?, जिससे रेत धुलाई हो रही है?
जवाब: वो बोर हमारा निजी है, जिसे मैने इसलिए हाइड्रेंट बनवा दिया, ताकि नपा के टैंकर यहां से निःशुल्क पानी भरकर आसपास के वार्डों में जा सकें।
सवाल: उस हाइड्रेंट से लगातार रेत धुलाई होने से नई बनी सड़क में गड्ढे हो गए?
जवाब: अब यह तो प्रशासन को देखना चाहिए कि इस शहरी क्षेत्र में रेत, गिट्टी, ईंट के भारी वाहन न आएं, उन्हीं वाहनों से सड़क टूटी है।
सवाल: मड़ीखेड़ा सप्लाई क्यों बंद हुई, अब कब तक पानी मिलेगा?
जवाब: जब हमने मेन पाइप लाइन बदलवाई थी, तभी फिल्टर प्लांट की मोटर बदलने का टेंडर करवा दिया था। सीएमओ ने जान बूझकर रीटेन्डर को पास नहीं किया। अन्यथा 6 माह पूर्व ही नई मोटर डाल दी जातीं। अब एक मोटर 2-3 दिन में सुधर जाएगी, जबकि दूसरी मोटर में 15 दिन लगेंगे।




