
करेरा में हुई जुए की बड़ी कार्यवाही से दूर रही करेरा पुलिस, सुरवाया, अमोला व दिनारा की टीम के साथ आईपीएस ने मारा छापा
बोले आईपीएस: जुआ खेलने वालोंं के साथ खिलाने वाले भी किए चिन्हित, करेरा पुलिस से बनवाए वीडियो
शिवपुरी। जिले के करेरा थाना अंतर्गत बिलरउ नदी के किनारे चल रहे जंगल में मंगल को आईपीएस आयुष जाखड़ व उनकी टीम ने अमंगल कर दिया। प्रकृति की गोद में बैठकर ताश के पत्ते फेंट रहे 7 जुआरियों को दबोच कर पुलिस ने 73 हजार रुपए की राशि भी बरामद की। इस कार्यवाही की महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिस थाना क्षेत्र में इतना बड़ा जुआ चल रहा था, उस पर कार्यवाही में आईपीएस ने करेरा पुलिस को शामिल न करते हुए अमोला, सुरवाया एवं दिनारा पुलिस थाने की टीमों को शामिल किया।
गौरतलब है कि करेरा में जुए के बड़े फड़ लगते हैं, जिसकी संभवतः स्थानीय पुलिस को भी जानकारी रहती है, लेकिन किस्मत के इस खेल में सभी की हिस्सेदारी रहती है, इसलिए न केवल करेरा बल्कि दतिया एवं दूसरे राज्य के लोग भी इन फंडों पर दांव लगाने आते हैं। जुआ खेलने वालों के अलावा जुआ खिलाने वाले का भी हर दिन के हिसाब से सौदा तय रहता है, जो न केवल फड़ लगवाता है, बल्कि ब्रेक में चाय-नाश्ता भी उपलब्ध कराता है। करेरा की बिलरउ नदी के किनारे जंगल में फड़ संचालन की सूचना आईपीएस आयुष जाखड़ को लगी, तो उन्होंने करेरा पुलिस को सूचना दिए बिना दूसरे पुलिस थानों के स्टाफ के साथ टीम बनाकर प्राइवेट कपड़ों में मुखबिर के साथ फड़ तक पहुंचाया, फिर मौके पर जाकर उनकी धरपकड़ कर ली। मौके पर 7 लोगों को दबोचा, जिसमें जरगँवा गांव के सरपंच का पुत्र शैलू यादव भी शामिल था। इसके अलावा बड़ौनी दतिया के भी कुछ जुआरी दबोचे गए। जुआरियों के कब्जे से 73 हजार रुपए नगद, ताश की गड्डी एवं दो बाइक भी बरामद की हैं।
आरक्षकों की लड़ाई में राज खुलने की चर्चा:
सूत्रों का कहना है कि जुए के धरपकड़ के पीछे दो पुलिस आरक्षकों के बीच गांधीजी के लिए विवाद हो गया था। जिसके चलते सांठगांठ से चल रहे इस जुए की भनक वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंच गई, और भंडाफोड़ हो गया।
संगठित गिरोह का दर्ज करेंगे मामला: जाखड़
कार्यवाही की सूचना करेरा पुलिस को भी दी थी, तथा वीडियोग्राफ़ी उनसे ही करवाई। पकड़े गए जुआरियों पर संगठित गिरोह का मामला दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। साथ ही जुआ खिलाने वाले लोग भी चिन्हित कर लिए हैं।
आयुष जाखड़ (आईपीएस), एसडीओपी करेरा





