
जमीन को कब्जामुक्त कराने 5 सर्वे नंबर का दिया आवेदन, पटवारी ने 2 नम्बर का किया सीमांकन
जनसुनवाई में चौथी बार आया बलबीर, इस बार भी मिला आश्वासन, प्रभावशाली किए हैं कब्जा
शिवपुरी। जमीनों के विवाद में पटवारी की अहम भूमिका होती है, और इस बात को पिछोर के उदयपुरा गांव के मामले ने प्रमाणित भी कर दिया। इस मामले में कृषक की 3 बीघा 2 बिस्वा जमीन पर गांव के प्रभावशाली लोग कब्जा किए हुए हैं, जिसे हटवाने के लिए किसान ने सीमांकन का आवेदन दिया। पटवारी ने 5 सर्वे नंबर का सीमांकन करने की बजाए केवल दो नम्बर की नापतौल कर दी, जबकि कब्जे वाली जमीन का सीमांकन किया ही नहीं।
पिछोर तहसील के ग्राम उदयपुरा में रहने वाले बलबीर पुत्र दरयाब सिंह यादव व उनके भाई रामजीलाल के नाम से सर्वे क्रमांक 573, 559, 560, 564 एवं 565 शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज हैं। बलबीर ने बताया कि लगभग साढ़े 7 बीघा जमीन में से 3 बीघा 2 बिस्वा जमीन (जो सर्वे नंबर 573, 559 व 560 में है) पर गांव के ही प्रभावशाली मनीराम, श्रीराम, हरीराम, पर्वत सिंह पुत्रगण आशाराम यादव कब्जा करके खेती कर रहे हैं। इतना ही नहीं वो उक्त जमीन को अपना बताते हैं। जिसके चलते बलबीर ने उक्त सभी पांचों सर्वे नंबर का सीमांकन कराए जाने के लिए पिछोर तहसील में आवेदन दिया था।
बलबीर का आरोप है कि सीमांकन करने आए पटवारी ने कब्जेधारियों से सांठगांठ करके उन 3 सर्वे नंबर की नापतौल नहीं की, जिस पर कब्जा है, बल्कि जिस पर बलबीर व उनका भाई काबिज है, उसका सीमांकन करके कब्जेधारियों की मदद कर दी। अपनी पूरी जमीन का सीमांकन कराने के लिए बलबीर आज चौथी बार कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई में आवेदन देने आया। वो दो बार पूर्व कलेक्टर को तथा नए कलेक्टर को दूसरी बार आवेदन देने आया है। इस बार आवेदन कलेक्टर के पास बैठे दूसरे अधिकारी ने लेकर तहसीलदार पिछोर को मोबाइल पर बात करके आवेदन की फोटो क्लिक करके भेज दी है। अब देखते हैं कि बलबीर की जमीन कब्जामुक्त होती है, या फिर वो जनसुनवाई में इसी तरह चक्कर लगाता रहेगा।




