
गाड़ी से हटी नपाध्यक्ष की प्लेट, लगने लगे कयास, नपाध्यक्ष बोलीं: कुत्तों की लड़ाई में टूटी
बोलीं नपाध्यक्ष: पार्षदों को महाराज ने नहीं बुलाया था, यह खुद ही मिलने गए थे दिल्ली
चल रहे कयासों के बीच सूची जारी होने का भी खतरा, जिसमें शामिल हैं मंत्री के नजदीकियों के नाम
शिवपुरी। रविवार की सुबह नपाध्यक्ष के घर के बाहर खड़ी उनकी गाड़ी से अध्यक्ष की प्लेट गायब हो गई, तो शिवपुरी शहर में चर्चाओं का बाजार गर्मा गया। जब हमने नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा से पूछा कि आपकी अध्यक्ष वाली प्लेट कहां चली गई, तो वे बोलीं कि कुत्ते आपस में लड़ गए, जिसमें वो प्लेट टूट गई। इतना ही नहीं, उन्होंने तो यहां तक कहा कि पार्षदों को मिलने के लिए महाराज ( ज्योतिरादित्य सिंधिया) ने नहीं बुलाया था, बल्कि यह तो खुद ही मिलने गए थे। शिवपुरी में नपाध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों में यह भी चर्चा सरगर्म है कि 1.64 करोड़ की सूची भी जारी हो सकती है, जिसमें केंद्रीय मंत्री के कई नजदीकियों के नाम भी हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों नपाध्यक्ष को हटाए जाने की चर्चाएं तेजी से चल रहीं थीं, इसी बीच आज गाड़े से उनकी नपाध्यक्ष की प्लेट हट जाने से वो चर्चाए फिर सरगर्म हो गईं। जबकि नपाध्यक्ष ने प्लेट हटने का कारण कुत्तों की लड़ाई को बताया है। जब नपाध्यक्ष से पूछा कि पिछले दिनों पार्षदों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष की बैठक और फिर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हुई बैठक में नगर की प्रथम नागरिक की अनुपस्थिति का क्या कारण रहा?। इस पर गायत्री शर्मा ने कहा कि पार्षदों ने ही महाराज से मिलने का समय मांगा था, तो उन्होंने दिल्ली में मिलने का समय दे दिया था, जिसमें उन्होंने शहर विकास को लेकर चर्चा की थी। जब उनसे पूछा कि नगर की प्रथम नागरिक के बिना शहर विकास की चर्चा क्यों की गई?, तो वे इसका जवाब नहीं दे पाईं।
नपाध्यक्ष से जब पूछा कि आपको हटाए जाने की चर्चाओं के बीच अन्य वो लोग, जिन्होंने आपसे फायदा लिया है, उनके नाम की सूची भी जारी हो सकती है क्या?, इस पर नपाध्यक्ष बोलीं कि यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन अभी तो हमें इस बात पर ध्यान देना है कि बरसात आने वाली है, तथा हमें शहर के नालों की सफाई करना चाहिए।
सूची में कई नाम शामिल::
पिछले कुछ दिनों से 1.64 करोड़ रुपए का आंकड़ा चल रहा है। तो बता दें कि यह वो राशि है जो नपाध्यक्ष द्वारा अपने समर्थकों पर खर्च की गई है। इसमें उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष नपाध्यक्ष का पक्ष मजबूती से रखा। सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय में चाय – नाश्ते का लाखों का बिल भी शामिल है। इसके अलावा गाड़ियों में डीजल आदि के अलावा नगद दान दक्षिणा भी है।
जितनी तेजी से चली चर्चाएं, उतनी ही शांति::
पिछले रविवार को दोपहर में पार्षदों की भाजपा जिलाध्यक्ष ने गुप्त बैठक की, और फिर उसी रात में पार्षद दिल्ली रवाना हो गए थे। सोमवार की शाम दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ डेढ़ घंटे बैठक के बाद कुछ पोस्ट आईं कि – उड़ गया ढप, लेकिन उसके बाद से शांति छा गई है।







