June 14, 2026
बाणगंगा के कुण्डों की हर साल सफाई करवाती हैं 84 वर्षीय धनती राठौर, ताकि भर सके बारिश का साफ पानी

बाणगंगा के कुण्डों की हर साल सफाई करवाती हैं 84 वर्षीय धनती राठौर, ताकि भर सके बारिश का साफ पानी

मौसम कोई भी हो, हर दिन बाणगंगा पर आती हैं पूजा करने, बरसात से पहले डीजल पंप से कुंड खाली करवाकर निकलवातीं हैं कचरा

शिवपुरी। शिव की नगरी शिवपुरी में आस्थावान लोगों की भी कमी नहीं है। शुक्रवार को जब हम बाणगंगा के पास से निकले, तो वहां डीजल पंप चलता नजर आया। जब रुक कर देखा तो एक वृद्धा कुंडों की सफाई करवा रहीं थीं। जब उनसे बात की तो पता चला कि वो हर साल बरसात से पहले अपने खर्चे पर इन कुंडों की सफाई करवाती हैं, ताकि बारिश का साफ पानी कुंडों में भर सके।
फिजिकल क्षेत्र में रहने वाले हरिओम राठौर की माताजी धनती राठौर की उम्र 84 वर्ष है, तथा वो हर मौसम में बाणगंगा पर पूजा करने आती हैं। उन्होंने बताया कि जब हमने यहां पर आकर देखा कि कुंडों में बहुत सारी गंदगी है, जिसमें बच्चों से लेकर युवा एवं महिलाएं भी स्नान करती हैं। तभी मन में यह विचार आया कि इन सभी कुंडों की बरसात से पहले सफाई करवाई जाए, ताकि बारिश का साफ पानी इन कुंडों में भर सके, तथा स्नान करने वालों को साफ पानी मिल सके। बाणगंगा के कुण्डों की हर साल बरसात से पहले सफाई का यह अभियान पिछले 40 साल से अनवरत जारी है। यही वजह है कि बाणगंगा के कुण्डों में एक साल की गंदगी ही इकट्ठी होती है, तथा बरसात के बाद इनमें साफ पानी नजर आता है।

अर्जुन ने वाण चलाकर बनाए थे 52 कुंड:

शिवपुरी की बाणगंगा के पास ही एक सिद्ध स्थल है, जिसमें पेड़ के बीच में मंदिर बना हुआ है। किवदंती हैं कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपने शस्त्र उस पेड़ में ही छिपाकर रखे थे। उस दौरान जब पानी की आवश्यकता महसूस हुई, तो अर्जुन ने वाण चलाकर 52 कुंड बनाए थे। इसलिए शिवपुरी की बाणगंगा का महाभारत कालीन इतिहास है।

ईश्वर की मर्जी से सब होता है:

वृद्धा धनती राठौर से जब पूछा कि इतने सभी कुंडों की सफाई में तो काफी खर्चा हो जाता होगा। इस पर उनका कहना था कि हम इसे ईश्वर की मर्जी मानकर करते हैं। वो ही हमारी अब व्यवस्था करता है, इसलिए हम हर साल कुंडों की सफाई करवाते हैं।

कुंड में मौजूद हैं मगरमच्छ:

बाणगंगा के जिन कुंडों में बच्चों से लेकर युवा तक कूद-कूद कर नहाते हैं, उन कुंडों में मगरमच्छ भी आकर बस गए हैं। आज सुबह जब एक कुंड की सफाई के दौरान पानी कम हुआ तो एक 3 फीट का मगरमच्छ नजर आया। जिसकी सूचना माधव टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम को दे दी, वो आकर मगरमच्छ को ले जाएंगे। भविष्य में कुंडों में नहाने वाले लोग भी इस बात का ध्यान रखें।

बाणगंगा के कुण्डों की हर साल सफाई करवाती हैं 84 वर्षीय धनती राठौर, ताकि भर सके बारिश का साफ पानी
बाणगंगा के कुण्डों की हर साल सफाई करवाती हैं 84 वर्षीय धनती राठौर, ताकि भर सके बारिश का साफ पानी
ऊपर कुंडों की सफाई कराने वाली वृद्धा, नीचे डीजल इंजन से खाली कर रहे कुंड

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