
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के आरोपी बने पोहरी एसडीएम को 20 दिन बाद भी नहीं हटाया
ईओडब्ल्यू एसपी के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव ने भेजा कलेक्टर को पत्र
शिवपुरी। जिले में भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लग पाएगा, जब रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों को बचाने में खुद वरिष्ठ अधिकारी जुटे हों। ऐसा ही एक मामला पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता का है, जिन्हें हटाए जाने के लिए ईओडब्ल्यू के बाद अब सामान्य प्रशासन के अवर सचिव ने एक पत्र कलेक्टर शिवपुरी को भेजा है।
सामान्य प्रशासन विभाग वल्लभ भवन मप्र भोपाल के अवर सचिव सचिंद्र राय ने बीते 15 जुलाई 2026 को एक पत्र कलेक्टर शिवपुरी के नाम भेजा है। जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता के खिलाफ ईओडब्ल्यू ग्वालियर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध हो चुका है। इसलिए गुप्ता को पोहरी से हटाकर कलेक्ट्रेट शिवपुरी में अटैच किया जाए, ताकि ईओडब्ल्यू की जांच को आरोपी बने गुप्ता प्रभावित न कर सकें। ज्ञात रहे कि बीते 5 जुलाई को एसपी ईओडब्ल्यू ने भी ऐसा ही एक पत्र कलेक्टर शिवपुरी को भेजा था। उस पत्र को अनदेखा करते हुए कलेक्टर ने अभी तक पोहरी एसडीएम पद से जेपी गुप्ता को नहीं हटाया। अब जबकि सामान्य प्रशासन विभाग वल्लभ भवन भोपाल से अवर सचिव का पत्र आया है, तो शायद गुप्ता को पोहरी से रवानगी मिल जाए।
इस मामले में आरोपी बने गुप्ता:
बीते 1 जुलाई को ईओडब्ल्यू ने जमीन के दस्तावेज में संशोधन के नाम पर मांगी जा रही रिश्वत के चलते पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता एवं पटवारी अशोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का प्रकरण दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद एसडीएम व पटवारी को हटाया नहीं गया, बल्कि जेपी गुप्ता अपने अन्य साथी अधिकारियों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंच गए, तथा ईओडब्ल्यू की कार्यवाही को ही गलत ठहरा दिया था। अब जबकि EOW एसपी एवं सामान्य प्रशासन विभाग से जेपी गुप्ता को पोहरी से हटाए जाने का पत्र आ चुका है, तो अब देखना दिलचस्प होगा कि कलेक्टर कोई फेरबदल करते हैं या फिर वो ही पुराना ढर्रा चलता रहेगा।




