
मड़ीखेड़ा डैम पर सैलानियों की सुरक्षा में चूक, पिकनिक स्पॉट पर सरिए काटे, झाड़ियां भी बढ़ी
डैम के पास ही बनाए गए गार्डन में हरियाली तो पर्याप्त, झाड़ियों में सांप-कीडे का खतरा बरकरार
शिवपुरी। जिले की नरवर तहसील में सिंध नदी पर बने मड़ीखेड़ा डैम के कंट्रोल रूम के पास ही सैलानियों के लिए आकर्षक गार्डन भी बनाए गए हैं। गेट के पास स्थित गार्डन में पिकनिक के।लिए आने वालों को बारिश आदि से सुरक्षा के लिए एक छतरी भी बनाई है, जिसके नीचे बने चूल्हे यह बता रहे है कि सैलानियों ने यहां खाना आदि भी बनाया है। इस गार्डन के चारों तरफ बेरीकेट्स टाइप लोहे की जाली लगाई है, जिसमें सरियों को इस तरह से लगाया है, ताकि कोई बड़ा या बच्चा भी डैम की तरफ न जा सके। इसमें एक जगह सरियों को काटकर कोई ले गया, तथा उसमें इतना गैप हो गया कि बच्चा तो क्या बड़ा भी उस पार जा सकता है।
पिकनिक मनाने आने वाले परिवारों में बड़े लोग जहां खाने-पीने की व्यवस्था करते हैं, तो बच्चे गार्डन में खेलते हैं। चूंकि बगीचे में ऊंची घास भी लगी है, जिसमें सांप-कीडे के छिपे होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही बच्चों के कटे सरियों के पार डैम की तरफ जाने का खतरा भी बढ़ गया है। आज नहीं तो कल, सैलानी यहां आएंगे,नशे पहले यदि बगीचों की साफ-सफाई व कटे हुए सरियों को फिर से लगा दिया जाए, तो सभी की पिकनिक खुशनुमा हो पाएगी।
चौथे दिन बारिश का पूर्वानुमान:
आगामी 19 जुलाई से बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। ज्ञात रहे कि बीते वर्ष में अभी तक डैम के लेबल में 5 मीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी होने की वजह से गेटों को खोला गया था, जबकि इस बार अभी तक महज 20 सेमी लेबल बढ़ा है। यदि 19 जुलाई के बाद केचमेंट में भी अच्छी बारिश हुई, तो डैम के लेबल को 31 जुलाई तक 340 मीटर तक मेंटेन करने के लिए गेट खोले जा सकते हैं, क्योंकि अभी लेबल 339.50 मीटर है।
बड़ी संख्या में पहुंचते हैं सैलानी:
बारिश के मौसम में जब मड़ीखेड़ा डैम के गेट खुलते हैं, तो एक दिन में हजारों की संख्या में सैलानी उस नजारे को देखने के लिए पहुंचते हैं। जिसके चलते हर बार सड़क जाम के हालात भी बनते हैं। चूंकि सकलपुर गांव से डैम तक 10 किमी की सड़क सिंगल होने एवं टेपर खतरनाक होने की वजह से ट्रैफिक की स्थिति बिगड़ती है। इस रोड पर बिना नंबर वाले रेत भरकर निकलने वाले डंपर भी इतनी रफ्तार में निकाले जाते हैं कि वो कभी भी कोई गंभीर हादसा घटित कर सकते हैं।







