आखिर कब तक भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ते रहेंगे यह बच्चे, पहले नीट निरस्त पर दी जान, अब जिंदा जले
शिवपुरी। लखनऊ में संचालित एक कोचिंग में हुए दर्दनाक हादसे ने 15 बच्चों की जान ले ली। उस घटना के बाद मंगलवार को जब शिवपुरी प्रशासन ने शहर में संचालित कोचिंग का निरीक्षण किया तो एक दर्जन कोचिंग में आगजनी पर नियंत्रण के लिए कोई संसाधन न होने की वजह से उन्हें बंद करवा दिया।
ज्ञात रहे कि पहले नीट का पेपर निरस्त होने से बच्चे इतने डिप्रेशन में चले गए कि आकांक्षा ने तो सुसाइड ही कर लिया था। अब लखनऊ उप्र में अपना भविष्य संवारने के लिए कोचिंग में पढ़ रहे 15 बच्चे आगजनी की घटना में जिंदा जल गए। जब उत्तरप्रदेश प्रशासन ने जांच की तो पता चला कि जिस बिल्डिंग में कोचिंग संचालित थी, उसे बनाने की कोई परमीशन ही नहीं की गई थी। अवैध रूप से बनी बिल्डिंग में कोचिंग तो शुरू कर दी गई थी, लेकिन आग बुझाने के कोई संयंत्र वहां मौजूद नहीं थे। जिसके चलते कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चे उन आग की लपटें में जिंदा ही जल गए।
लखनऊ में हुए इस दर्दनाक हादसे के चलते शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर जब शिवपुरी तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने शहर की कोचिंग चेक की तो एक-दो नहीं, बल्कि 12 कोचिंग में आग बुझाने का कोई संयंत्र नहीं मिला। तहसीलदार ने तत्काल उक्त सभी कोचिंग सेंटर को बंद करवा कर उनके संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी कि जब तक अग्निशमन यंत्र नहीं लगाओगे, तब तक कोचिंग संचालित नहीं होगी।
हर माह मोटी कमाई, सुरक्षा के नाम पर शून्य::
शिवपुरी शहर सहित अंचल में भी कोचिंग कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। जिसमें हर माह कोचिंग संचालकों लाखों की कमाई कर रहे हैं, लेकिन जिन बच्चों से मोटी फीस वसूल रहे हैं, उन बच्चों की सुरक्षा शून्य है। इनमें से कुछ कोचिंग तो बेसमेंट में भी संचालित की जाती हैं।






