सिंध जलावर्धन के प्रभारी एई सचिन का ट्रांसफर दमोह, खापरे भी गए, शिवपुरी नपा की बदहाली के बीच कोई नहीं आना चाहता
शिवपुरी। दो साल में कम्प्लीट होने का एग्रीमेंट करके 15 साल में भी पूरी न होने वाली सिंध जलावर्धन योजना के प्रभारी नपा एई सचिन चौहान का ट्रांसफर शिवपुरी से दमोह हो गया। उनके साथ सब इंजीनियर भी गेहूं के साथ बथुए को भी पानी लगने की तर्ज पर कटनी चले गए। शिवपुरी नगरपालिका अपने स्वर्णिम कार्यों की वजह से पूरे प्रदेश में इतनी विख्यात हो चुकी है कि यहां पर कोई अधिकारी-कर्मचारी आना नहीं चाहते। इस बीच वो लोग जरूर प्रयासरत हैं, जिन्होंने नपा में पहले काम करके अपना घर भर लिया।
ज्ञात रहे कि पिछले दिनों दिल्ली में पार्षदों की बैठक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हुई थी। उस बैठक में पार्षदों ने शहर के दर्द में कसूरवार तीन लोगों का नाम बताया था, जिसमें एई सचिन चौहान का नाम भी शामिल था। तो फिर क्या एकाएक हुए इस ट्रांसफर को दिल्ली में हुई बैठक का साइड इफेक्ट मानें..! इसके अलावा पार्षदों ने दो नाम और भी लिए थे, जिन्हें मंत्री ने अपनी डायरी में पार्षदों के सामने लिख लिया था। सिंध जलावर्धन की बात करें तो पाइप लाइन डालने के बाद उसकी रिपेयरिंग का भुगतान जोड़ लिया जाए, तो उतनी राशि में नई मोटरें आ जाएंगी। भीषण गर्मियों के बीच पानी उस समय भी नहीं आता था, जब प्लास्टिक पाइप डाले गए थे, तथा अब भी बंद हो जाता है, जबकि लोहे की पाइप लाइन डाली जा चुकी है। शिवपुरी में चल रहे प्रोजेक्टों का उद्देश्य आम जनता को लाभ देने का न होकर चारागाह बन गए, जिसमें बजट पास कराओ, सभी अपना-अपना हिस्सा लो। शायद यही वजह है कि शिवपुरी जो एक बार रुक कर समझ जाए, तो वो फिर बार- बार यहीं आता है। इसके विपरीत नपा शिवपुरी में दूसरी जगह वाले अधिकारी-कर्मचारी आने की हिम्मत नहीं कर पाते, क्योंकि यहां इतनी गड़बड़ी हो चुकी हैं, कि बाहर से आने वाला किस जांच में उलझ जाए, कोई भरोसा नहीं।
ऐसे हालातों के बीच केंद्रीय मंत्री का विजन शिवपुरी कैसे पूरा होगा?, हालांकि वो अच्छे काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी ला सकते हैं। बस वो एक बार इस शहर के लिए कुछ अच्छा करने की ठान लें..!
बहुत खूबसूरत है हमारी शिवपुरी::
देश भर के लोग मसूरी में एक कैंपटी फॉल देखने जाते हैं, जबकि शिवपुरी में ऐसे एक दर्जन आकर्षक प्राकृतिक झरने हैं। दो अच्छी बारिश होने के बाद शिवपुरी शहर से किसी भी दिशा में आगे बढ़ जाओ, हर तरफ छाई हरियाली आंखों व मन को सुकून देती है। जितना पूरे ओरछा में है, उतना अकेले शिवपुरी के नरवर में ही टूरिस्ट स्पॉट हैं। बस इन स्थानों का पूरी ईमानदारी के साथ जीर्णोद्धार करके उसकी सतत मॉनिटरिंग की जाए, तो शिवपुरी में टूरिस्ट आएंगे, जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। साथ ही प्रकृति को नष्ट करने वाले माफियाराज पर नकेल कसी जाए, तो ही शिवपुरी में प्राकृतिक सुंदरता बची रह सकती है।


माफियाराज ऐसे निपटा रहा शिवपुरी की प्राकृतिक खूबसूरती





