
16 वर्षीय योगेश सौ फीसदी दिव्यांग, फिर भी नहीं मिल रहा शासन की किसी योजना का लाभ
बचपन में आंखों से बना था आधार कार्ड, अब फिंगर न आने से नहीं हो पा रहा अपडेट, कलेक्ट्रेट में दे चुके 8 आवेदन
शिवपुरी। शहर के फतेहपुर स्थित गणेश कालोनी में रहने वाले रामबली राय का 16 वर्षीय बेटा सौ फीसदी दिव्यांग है। बावजूद इसके उसे न तो दिव्यांगता पेंशन मिल रही, ना ही राशन। बचपन में आंखों से बना आधार कार्ड अब फिंगर न आने की वजह से अपडेट नहीं हो पा रहा। योगेश के पिता कलेक्ट्रेट में 8 आवेदन दे चुके, लेकिन उनके दिव्यांग बेटे को कोई लाभ नहीं मिला।
कभी टेक्निकल मैकेनिक होकर 30 हजार रुपए महीना कमाने वाले रामबली राय अब ऑटो चलाकर परिवार की गुजर बसर कर रहे हैं। रामबली ने बताया कि जब मेरा बेटा योगेश 2 माह का था, तब उनकी पत्नी उसे गोद में लेकर सीढ़ियों से गिर गई थी। चूंकि इतनी छोटी उम्र में यह हादसा हुआ, इसलिए उन्हें यह पता नहीं है कि बेटे को सौ फीसदी दिव्यांगता उस हादसे की वजह से आई या फिर जन्म से ही है। उन्होंने बताया कि मेरे बेटे को न तो दिव्यांगता पेंशन मिलती है और ना ही कंट्रोल की दुकान से राशन। इसके लिए उसका आधार कार्ड जरूरी है, लेकिन फिंगर न आने की वजह से उसका आधार कार्ड अपडेट नहीं हो पा रहा। रामबली ने बताया कि बेटे का अभी तक सभी जगह उपचार करवा कर देख लिया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। उनका कहना है कि बेटे की दिव्यांगता पेंशन एवं नियमित राशन के लिए वो अभी तक आठ बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन उसका कोई सार्थक परिणाम अभी तक नहीं आया। उनकी मांग है कि उनके सौ फीसदी दिव्यांग बेटे योगेश को दिव्यांगता पेंशन एवं कंट्रोल की दुकान से राशन दिलवाया जाए।
बोले आयुक्त: करेंगे हर संभव मदद
आपने जैसा बताया है यदि उस किशोर के साथ ऐसा सब है तो हम उसकी पूरी मदद करेंगे। हम जल्द ही टीम भेजकर उसको शासकीय योजनाओं का लाभ दिलवाएंगे।
डॉ. अजय खेमरिया, आयुक्त, दिव्यांगजन मप्र




