
जल संकट से जूझ रहे शहरवासियों को अब आवारा कुत्तों से खतरा, 3 दर्जन से अधिक जख्मी पहुंचे जिला अस्पताल
नपा की टीम ने बमुश्किल पकड़ा पागल कुत्ता, राजेश्वरी रोड, कस्टम गेट व लायंस चौक तक बनाया लोगों को शिकार
शिवपुरी। जिला अस्पताल शिवपुरी में शनिवार की देर दोपहर से कुत्ते के काटने का शिकार हुए लोगों का जब आना शुरू हुआ, तो यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। किसी के हाथ में तो किसी के पैर में कुत्ते ने गहरा जख्म दिया। इनमें एक मासूम बालिका भी शामिल रही, जिसके चेहरे पर कुत्ते ने काट लिया। जब अस्पताल में कुत्ते के शिकार लोगों की भीड़ लगना शुरू हुई, तथा सोशल मीडिया पर खबर तेजी से चली, तो फिर नगरपालिका की टीम ने बमुश्किल उस खतरनाक कुत्ते को कब्जे में लिया, तब कहीं जाकर शहरवासियों ने राहत महसूस की।
शिवपुरी का जल संकट अभी दूर नहीं हुआ था कि आवारा कुत्ते ने लोगों की चिंता बड़ा दी। दोपहर लगभग 3:30 बजे पहला मामला महल कॉलोनी से सामने आया, जहां दो साल की बच्ची को कुत्ते ने बुरी तरह जख्मी कर दिया। अभी उस मासूम का इलाज चल ही रहा था कि एक के बाद एक कुत्ते का शिकार हुए लोग जिला अस्पताल में आना शुरू हो गए। शाम 6:30 बजे तक इस पागल हुए आवारा कुत्ते ने 3 दर्जन से अधिक लोगों को जख्मी कर दिया था। जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए स्थानीय भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे। देखते ही देखते जिला अस्पताल का ड्रेसिंग हॉल जख्मी हुए लोगों से भर गया। अस्पताल प्रबंधन भी जख्मी हुए लोगों का इलाज करने के लिए भागदौड़ करता रहा, क्योंकि एक साथ इतने लोग जो आ गए थे।
जिला अस्पताल में बढ़ती कुत्ते के शिकार लोगों की भीड़ की खबर जब सोशल मीडिया पर चली तो फिर उस पागल कुत्ते की तलाश में नपा की रेस्क्यू टीम निकली, और उसे बमुश्किल अपनी गिरफ्त में लिया।
बढ़ती आबादी के प्रयास कागजों में ही हुए:
शिवपुरी शहर में बढ़ते कुत्तों और उनके हमलों के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। जब भी इस तरह की घटना हुई, तो जिम्मेदारों ने कुत्तों की बढ़ती आबादी पर अंकुश लगाने के लिए नसबंदी के टेंडर करने की बात तो कही, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ हुआ नहीं। शिवपुरी के लोगों को टाइगर व तेंदुओं से बाद में खतरा है, पहले तो थोकबंद आवारा कुत्ते शहर के लिए बड़ा चैलेंज हैं।







