
ट्रांसफर होने पर बीमारी सहित 3 कारण बताकर लिया रेंजर श्रुति ने स्टे, उन्हें सौंप दिए दो प्रभार
फील्ड वर्क करने में जताई असमर्थता, इसलिए प्रभार वाले जंगल में कट रही खैर, हो रहा पत्थर का अवैध उत्खनन
शिवपुरी। वन विभाग की जिस महिला रेंजर ने ट्रांसफर होने पर न्यायालय से अपनी बीमारी सहित तीन कारण बताकर स्टे लिया है, उसे वरिष्ठ अधिकारियों ने दो जगह का प्रभार दे दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि रेंजर ने फील्ड वर्क करने में असमर्थता जताई है, इसलिए उनके प्रभार वाले जंगल में बेरोकटोक खैर के जंगल की कटाई एवं पत्थर का अवैध उत्खनन बेरोकटोक जारी है। हर बार जंगल कटने के बाद वन विभाग का स्टाफ ठूंठ गिनने के काम तक सीमित होकर रह गया है।
हम बात कर रहे हैं वन विभाग में पोहरी एवं सतनबाड़ा का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं रेंजर श्रुति राठौर की। श्रुति का जून माह के शिवपुरी से जबलपुर ट्रांसफर हो गया था, लेकिन उन्होंने जबलपुर जाने की बजाए हाईकोर्ट ग्वालियर में स्टे के लिए पिटीशन लगाई। बताते हैं कि रेंजर ने अपने डेढ़ साल के बच्चे एवं सर्विस को ढाई वर्ष होने के अलावा खुद को बैकपन की बीमारी से ग्रसित होना बताया। साथ ही उन्होंने न्यायालय को यह भी बताया कि वो फील्ड वर्क नहीं कर सकतीं। न्यायालय ने उनके कारणों पर गम्भीरता से विचार करते हुए बीते 6 जुलाई 2026 को स्टे दे दिया। उधर वन विभाग ने अपनी बीमार रेंजर को पोहरी के अलावा सतनबाडा रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया।
दो जगह का प्रभार होने से माफिया हुए हावी:
पिछले दिनों सेवढ़ा के पास जंगल से खैर की लकड़ी से भरे दो ट्रक तस्करों द्वारा ले जाए जाने एवं दो ट्रॉली बची हुई खैर की लकड़ी गोपालपुर फॉरेस्ट चौकी पर सोमवार को ही पहुंच गई थी। मंगलवार की दोपहर 3 बजे तक क्षेत्र की रेंजर श्रुति राठौर को पता ही नहीं था कि उनकी फॉरेस्ट की टीम बची हुई खैर की लकड़ी लेकर सोमवार को ही चौकी पहुंच चुकी है।
धमकन में भी कटी थी खैर, उत्खनन भी जारी:
सतनबाड़ा रेंज में ही धमकन बीट भी आती है। जहां से पूर्व में बड़े पैमाने पर खैर की लकड़ी तस्कर भर ले गए थे, तथा घाटीगांव में खैर तस्कर अनूप को एसटीएफ ने पकड़ा था। इस रेंज में रेत का अवैध परिवहन बिना नंबर प्लेट वाले डंपर कर रहे हैं, साथ ही ट्रकनुमा ट्रॉलियों में पत्थर ढोया जा रहा है। रेंजर बीमार हैं, इसलिए माफियाराज जंगल में पूरी तरह से हावी है।
बोले सीसीएफ: मैं तथ्यों को पता करता हूं
रेंजर श्रुति अंडर ट्रांसफर हैं, वो कोर्ट से स्टे ले आईं, तथा क्या आधार बनाया, इसकी जानकारी नहीं है। जैसा आप बता रहे हैं, यदि ऐसा है, तो मैं तथ्यों का पता करके डीएफओ से इस संबंध में बात करूंगा।
आदर्श श्रीवास्तव, सीसीएफ, सामान्य वन मंडल शिवपुरी








