June 9, 2026

बोले डीपीसी: शिकायतकर्ता मुरैना का हमारा पडौसी, 3 बार पार्षद बनवाया, अब फ्री हैं तो झूठी शिकायतें करते रहते हैं
शिवपुरी। शिक्षा विभाग शिवपुरी के जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) दफेदार सिंह सिकरवार की नियुक्ति को फर्जी बताते हुए ट्रिपल एस ने एक शिकायत कलेक्टर से की है। यह ट्रिपल-S शिवपुरी के न होकर मुरैना के सुरेश सिंह सिकरवार हैं। शिकायत में उल्लेख किया है कि हजारेश्वर स्कूल श्योपुर में सहायक शिक्षक रहते हुए दफेदार सिंह ने अम्बाह मुरैना के शासकीय डिग्री कॉलेज से बीएससी की नियमित छात्र की ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त की, जबकि श्योपुर से अंबाह की दूरी लगभग 300 किमी है। इतना ही नहीं, बाबुओं से सांठगांठ कर गलत पदोन्नति भी प्राप्त की है। उधर डीपीसी का कहना है कि शिकायतकर्ता हमारा पडौसी है, जिसे 3 बार हमने पार्षद बनवाया, अब वो फ्री हैं तो इसी तरह की झूठी शिकायतें करते रहते हैं।
शिकायतकर्ता सुरेश सिंह सिकरवार पूर्व पार्षद वार्ड 41 बनखंडी रोड मुरैना, ने कलेक्टर शिवपुरी से शिकायत की है। जिसमें उल्लेख किया है कि अशासकीय स्कूल हजारेश्वर को शासनाधीन होते समय द्वितीय स्क्रीनिंग समिति ने 131 कर्मचारियों में 28 को पात्र मानते हुए 103 कर्मचारियों को पद से पृथक कर दिया था। हटाए गए कर्मचारियों की सूची में दफेदार सिंह सिकरवार का नाम 32वें नम्बर पर था। उनकी नियुक्ति 4 जुलाई 1989 में हायर सेकेंडरी (10+2) योग्यता के आधार पर सहायक शिक्षक के रूप में हुई थी। इस दौरान उच्च श्रेणी शिक्षक बनने के लिए दफेदार सिंह ने नियमित शिक्षक होते हुए लगभग 300 किमी दूर शासकीय डिग्री कॉलेज अंबाह मुरैना से बीएससी की डिग्री नियमित छात्र के रूप में प्राप्त की। जिसे यह कहते हुए फर्जी बताया है कि एक ही व्यक्ति एक ही समय में 300 किमी की दूरी पर दो जगह कैसे उपस्थित रह सकता है?। शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि दफेदार सिंह ने 1992 में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की, लेकिन उससे पहले ही वो उच्च श्रेणी शिक्षक पद पर पदोन्नति पा गए।
शिकायत में लिखा है कि पद से हटाए गए 103 कर्मचारी/शिक्षकों द्वारा याचिका क्रमांक WP 839/2003 दर्ज की, जिसमें 30/7/2005 को मप्र उच्च न्यायालय खंडपीठ ने संपूर्ण चयन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए यह आदेश दिया कि नवीन चयन समिति नियमानुसार गठित की जाकर 4 माह में प्रक्रिया पूरी की जाए। उक्त प्रक्रिया प्रचलन में होने के बावजूद दफेदार सिंह को वर्ष 2009 में पदोन्नति करके प्र.अ. बना दिया गया। शिकायत के साथ शासनादेश की प्रतियां भी लगाई गईं हैं।
बोले डीपीसी: जवाब बिंदुवार तैयार हैं
डीपीसी शिवपुरी दफेदार सिंह सिकरवार का कहना है कि शिकायतकर्ता हमारे मुरैना के पड़ौसी ही हैं। यह शिकायत वो पहले भी कर चुके हैं, जिसका जवाब हमारे पास बिन्दुवार तैयार है, बस फोटोकॉपी करवाना है। अभी शिकायत जिलाधीश से होकर हमारे पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मैने ग्रेजुएशन की डिग्री अंबाह से नहीं, बल्कि श्योपुर से ही प्राप्त की है।

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