फ्लैश बैक: एक साल के अंतराल में बहुत कुछ घटित हुआ, शहर विकास साइड में रखकर कुर्सी की चलती रही लड़ाई, परिणाम का इंतजार
शिवपुरी। कहते हैँ कि ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं। आज से ठीक 1 साल पूर्व 11 जून 2025 को शिवपुरी नगरपालिका के पार्षदों ने करेरा के सिद्ध स्थल बगीचा सरकार पर शपथ खाई थी। इस एक साल के अंतराल में पार्षदों को कभी खुशी और कभी गम के दौर से गुजरना पड़ा। महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी भी पार्षदों को उस शपथ के पूरा होने का इंतजार है, यानि अभी भी देर है, उम्मीद है कि अन्धेर नहीं होगा।
शिवपुरी शहर विकास के लिए प्रतिबद्ध शिवपुरी नगरपालिका में पिछले एक साल से नपाध्यक्ष को कुर्सी से हटाने की कवायद के तहत 11 जून 2025 को परिषद के डेढ़ दर्जन पार्षदों ने करेरा के बगीचा सरकार पर कसम खाकर इस युद्ध की शुरुआत की थी। करेरा से लौटकर शिवपुरी कलेक्टर को नपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया।
फिर शुरू हुआ पार्षदों को मनाने का दौर:
नाराज पार्षदों को मनाने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष, प्रभारी मंत्री के अलावा पूर्व कलेक्टर की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट एवं सर्किट हाउस में रात 12 बजे तक बैठकों का दौर चलता रहा। हर बैठक में पार्षदों की एक ही मांग रही कि नपाध्यक्ष को हटाया जाए।
अविश्वास वापस लेते ही बदले सुर::
अविश्वास प्रस्ताव की वापसी की नियत तारीख पर कुछ पार्षद कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात पर अडिग रहने के लिए हस्ताक्षर कर आए। बाद में उपाध्यक्ष पति अपने साथ एक-दो पार्षदों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा अविश्वास प्रस्ताव वापस के लिए आवेदन दे दिया। तत्कालीन कलेक्टर ने उपाध्यक्ष पति का आवेदन स्वीकार कर लिया, शेष पार्षदों के हटाक्षर बेकार हो गए। अविश्वास प्रस्ताव वापस होने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष से लेकर प्रभारी मंत्री के सुर बदल गए, तथा उन्होंने पार्षदों को किनारे रख दिया। इस घटनाक्रम के बाद पार्षदों में भी फूटन हो गई।
ग्वालियर बुलाया पार्षदों को::
केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ने पार्षदों को ग्वालियर बुलवाया, तथा पार्षद पतियों से बात न करके सिर्फ पार्षदों से बात की। इसके बाद पार्षद निराश होकर थक कर बैठ गए।
भोपाल पहुंचे पार्षद, मिल गए विधायक:
पार्षदों का दल भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात करने पहुंचे। वहां पर शिवपुरी विधायक भी मिल गए, तो सभी ने प्रदेश अध्यक्ष को अपना दर्द बयां किया। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें एक्शन का आश्वासन दिया।
फिर एक्शन शुरू हुआ, तो बढीं सरगर्मियां:
पिछले शुक्रवार की देर शाम नपा सीएमओ के ट्रांसफर का आदेश भोपाल से आया, तो उन्हें रातोंरात रिलीव कर दिया। रविवार को नपाध्यक्ष को बिना बुलाए पार्षदों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष ने बैठक की, तथा उसी रात दिल्ली रवाना किया। सोमवार की शाम केंद्रीय मंत्री के साथ पार्षदों की बैठक हुई, तथा चर्चा चल निकली कि बगीचा सरकार ने सुन ली। हालांकि आज गुरुवार यानि 11 जून को एक साल हो गया, लेकिन नपाध्यक्ष का कोई फरमान अभी तक नहीं आया।
सीएमओ की रवानगी में भी यह भी चर्चा::
नपा सीएमओ रहे इशांक धाकड़ को करेरा नगर परिषद का भी प्रभार दे दिया गया था। चर्चा है कि करेरा नगर परिषद से जुड़े जनप्रतिनिधि के भाई भी भाजपा में पदाधिकारी हैं, तो उन्होंने भी राजधानी में जोर लगाया था।






