दुर्दशा का शिकार हो रहा भुजरिया तालाब, सफाई के नाम पर नपा में हो गया भ्रष्टाचार
शिवपुरी। शहर के मध्य स्थित भुजरिया तालाब एक बार फिर जलकुंभी की जकड़ में आ गया। जबकि इसकी नियमित सफाई के नाम पर नगरपालिका शिवपुरी से बजट भी पास होकर जिम्मेदारों की जब में पहुंचता रहा। यह हालात तब हैं जबकि इस तालाब को चौपाटी का स्वरूप देकर एक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने का दावा किया गया था।
ज्ञात रहे कि शहर के बीचोबीच स्थित भुजरिया तालाब जब दो साल पूर्व जलकुंभी में जकड़ा हुआ था, तब जनसहयोग एवं प्रशासन की मदद से उसे जलकुंभी मुक्त कराया था। उसके बाद यह दावा किया गया था कि इस तालाब को चौपाटी बनाया जाएगा। शिवपुरी शहर की आर्किटेक्ट छात्रा सृष्टि अग्रवाल ने बिना कोई शुल्क के शहर विकास में सहयोग करते हुए ड्राइंग डिजाइन भी बनाकर दिया था। उस ड्राइंग डिजाइन पर अमल करने के लिए प्रयास भी किए गए, लेकिन वो कागजों से बाहर आकर धरातल पर नहीं उतरे। जिसके चलते अब इस तालाब में फिर से जलकुंभी का साम्राज्य स्थापित हो गया है।
स्वच्छ रखने के नाम पर भी घोटाला::
घोटालों के लिए कुख्यात रही नगरपालिका शिवपुरी ने इस तालाब के जलकुंभी मुक्त होने के बाद उसे साफ सुथरा रखने के नाम पर भी घोटाला कर दिया। इसकी नियमित सफाईं करने का टेंडर किया गया, जिसका खर्चा भी निकलता रहा, लेकिन तालाब में जलकुंभी तेजी से फैलती गई, तथा उसने फिर से पूरे तालाब को अपनी गिरफ्त में ले लिया। हालांकि पिछले दिनों में जनसहयोग से कुछ जलकुंभी को निकाल कर किनारे पर ही रख दिया है।
बन सकता है खूबसूरत पिकनिक स्पॉट:
शहर के बीचोबीच स्थित भुजरिया तालाब को यदि सार्थक प्रयास किए जाएं, तो इसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा सकता है। यह तालाब तो 2017 में ही खत्म हो जाता, लेकिन तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव एवं जन सहयोग से भुजरिया तालाब का गहरीकरण किया गया था। इसके बाद जब फिर से तालाब पर खतरा मंडराया तो वर्ष 2023-24 में तत्कालीन कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने इसे पुनर्जीवित करने में सहयोग किया। अभी भी देर नहीं हुई है, तथा इस तालाब को चौपाटी बनाया जा सकता है।



