
Thanks God मैं अब किसी गोदी मीडिया का हिस्सा नहीं हूं, मोटे पैकेज लेकर हद कर दी एंकरों ने
11 बजे का क्राइम रिपोर्ट देखता हूं, क्योंकि सभी चैनल गा रहे मोदी भक्ति के गीत, सोशल मीडिया पर उजागर हो रही देश की सच्चाई
शिवपुरी। मैं ईश्वर को धन्यवाद देता हूं, कि अब मैं किसी गोदी मीडिया का हिस्सा नहीं हूं। जीवन में समझौते नहीं किए, तो अपनी पहचान को कायम रखने के लिए सोशल मीडिया पर आया। क्योंकि गोदी मीडिया पूरे दिन मोदी भक्ति के गीत गा रही है, चैनलों के एंकर सरकार को सुरक्षा देने के लिए किसी भी हद तक जाकर बोल रहे हैं। गोदी मीडिया की सच्चाई उजागर होने के बाद इन चैनलों की टीआरपी में जबरदस्त गिरावट आई है, लेकिन खुद को नम्बर वन का गाना गाकर झूठे आंकड़े और अपने उन आकाओं से इनाम पाकर देश की जनता को भ्रमित करते रहते हैं, जिनके गुणगान के लिए अब यह चैनल चल रहे हैं।
शिक्षक को ईश्वर से पहले स्थान दिया है, क्योंकि वो ही बच्चे को सिखाता है कि ईश्वर क्या है। उस शिक्षक को सबसे तेज झूठ बोलने वाले (यह बात केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में कही थी) आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप ने दो कौड़ी का कह दिया। कोड़ियां हमने बचपन में देखी हैं, और उनसे अष्टा – चंगा खेला है। वो कोडिया यदि साथ देती थीं तो जीत अन्यथा हार तय होती थी। शायद अंजना भी इस खेल में हार गईं। जिस देश का मीडिया सरकार का लाउडस्पीकर बन जाता है, उस देश को गर्त में जाने से कोई नहीं बचा सकता।
इन सबके बीच सोशल मीडिया वो प्लेटफार्म है, जो देश में घटित हो रहे घटनाक्रमों को बिना किसी पैकेज के सच्चाई से दिखा रहा है। यह बात सही है कि सोशल मीडिया पर डाली गई हर बात सच नहीं होती, लेकिन फिर भी देश के नेताओं की करतूत और उनके भाषणों से नजर आ रही सच्चाई तो उजागर हो रही है। सोशल मीडिया ही आगाह कर रहा है कि कागज के नोट बंद होकर प्लास्टिक के नोट चलने वाले हैं, क्योंकि देश में सबसे बड़ा 2 हजार का नोट चलाकर ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में तब्दील करने के बाद उसे बंद कर दिया। अब 500 के इतने नकली नोट छप गए, कि देश की कुल करेंसी 4 गुना अधिक हो गई।
करोड़ों रुपए लेकर देश से भागे पूंजीपति विदेशों में ऐश कर रहे हैं, और अब इस देश की चाबी चंद पूंजीपतियों को देकर फकीर थैला लेकर निकलने की तैयारी में है, अपने उन दोस्तों के पास, जिन्हें देश से करोड़ो रुपए लेकर भगाया गया। देश में एक साथ कई मुद्दे केंद्रीय नेताओं को घेरने के लिए तैयार हो गए, जिनमें नीट का लीक हुआ पेपर प्रमुख है। इस मुद्दे से देश के निराश हुए 22 लाख विद्यार्थियों के साथ कॉकरोच को पसंद करने वाला यूथ भी जुड़ गया है। हमारा देश दुनिया का सबसे जवान देश है, और इस देश में युवाओं के लिए ही कुछ नहीं है। शायद आपको पता हो कि अमेरिका का आईटी सेक्टर भारत का युवा सम्भाले हुए है। हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें यहां वो स्थान नहीं मिलता, जिसके वो हकदार हैं, इसलिए हमारे देश का प्रत्येक क्षेत्र का एक्सपर्ट युवा विदेशों में अपनी सेवाएं दे रहा है। हमारी तो ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हमारे देश में सब कुछ अच्छा हो।







