
अब जल्द ही शिवपुरी के लोगों को देखने आएंगे सैलानी: खतरनाक जानवरों के बीच बिना पानी के कैसे जिंदा हैं लोग
दूर दराज रहने वाले रिश्तेदार भी फोन पर पूछ रहे कुशल क्षेम, बोल रहे: तुम्हारे यहां तो हालात बहुत खराब हैं
मध्यप्रदेश का शिवपुरी वो एकमात्र ऐसा शहर है, जिसे देखने जल्द ही सैलानी आने वाले हैं। वो यह देखने आ रहे हैं कि इस शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है, बाजार में निकलो तो पागल कुत्ते काटने को घूम रहे हैं। लंबे रूट पर निकलो तो टाइगर और तेंदुए घूम रहे हैं। आधी रात को घर के आंगन में मगरमच्छ घूमने आ जाते हैं। आखिर इन हालातों में यहाँ के लोग जिंदा कैसे हैं..?
घर में पानी नहीं, बाहर घूम रहे पागल कुत्ते:
शिवपुरी शहर में फर्जीवाड़े इस कदर चरम पर है कि पौन सैकड़ा लोगों को शिकार बनाने वाले कुत्ते की जगह दूसरा कुत्ता पकड़ लिया। इसका खुलासा तो तब हुआ, जब कुत्ते को पकड़ने का दावा करने के बाद भी शिकार होने वाले लोगों की संख्या में कमी नहीं आई। स्थिति यह है कि अब बाजार में निकलने वाले लोग आसपास कुत्ता देखकर उससे दूर भाग रहे हैं, क्योंकि 70 से अधिक लोग इंजेक्शन लगवा कर घाव सुखा रहे हैं। शहर में पागल कुत्तों का शिकार होने का खतरा अधिक इसलिए भी है, क्योंकि लोग पानी ढोने के लिए पूरे शहर में साइकिल पर कट्टियां टाँग कर घूम रहे हैं। यदि कट्टियां भरी हुई हैं, और साइकिल पर टांग कर कोई ले जा रहा है, इसी बीच यदि कुत्ते ने अटैक कर दिया, तो वो पानी छोड़े या कुत्ते से बचे..?
जिम्मेदार कर रहे सिर्फ दिखावा:
किसी भी लोकतंत्र में जनता हर पांच साल बाद पार्षद, विधायक व सांसद चुनने के लिए वोट डालती है। चुनाव के दौरान जो सब्जबाग दिखाए जाते हैं, उन पर भरोसा करने का ऐसा परिणाम जनता ही भुगतती है। छोटे-बडे नेताओं के यहां नियमित टैंकर पहुंचने के साथ ही पानी के कैम्पर भी पहुंच जाते हैं, इसलिए उन्हें जनता का दर्द समझ नहीं आता। वो तो कलफदार कुर्ता-पजामा पहनकर कभी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचाते हैं तो कभी टैंकरों के पीछे दौड़ते हुए जिंदाबाद के नारे लगाने का ढोंग करते हैं।
जनता को परेशान करने की प्लानिंग तो नहीं..!
शिवपुरी शहर की जनता जिन हालातों में जीने को मजबूर है। वो किसी यातनाघर से कम नहीं है। पूरे शहर के बाजार को पानी की लाइन डालने के नाम ओर खोद दिया गया, जबकि पाइप तो पिछले लंबे समय से समय से सूखे पड़े हैं। बरसात के दौरान बाजार की इन खुदी सड़कों पर लोग गिरकर चोटिल होंगे। बाजार में आवारा मवेशियों की ऐसी भरमार है कि यह शहर कम और तबेला अधिक नजर आता है।








