
पहले सुनी पीएम की बात, फिर पार्षदों व पुराने भाजपाइयों ने निकाली मन की भड़ास
एक नेताजी बोले: पार्टी में हम 80 फीसदी, फिर भी 20 प्रतिशत नवागत हो गए हावी, विरोध का बिगुल फूंका
शिवपुरी। देश के प्रधानमंत्री ने रविवार को मन की बात की, जिसे सुनने के लिए पुरानी शिवपुरी में रहने वाले ओमप्रकाश शर्मा (ओमी गुरु) के घर पर पुराने भाजपा नेता इकट्ठे हुए। पहले तो नेताओं ने पीएम के मन की सुनी, इसके बाद जब अपने मन की बात कही तो माहौल एकाएक गर्मा गया। इस दौरान एक नेताजी ने तो यहां तक कहा कि हम पुराने भाजपाई 80 प्रतिशत हैं, वाबजूद इसके 20 फीसदी आयातित कांग्रेसी, हम पर हावी हो गए। इस दौरान वर्तमान एवं पूर्व पार्षदों ने भी जमकर अपनी भड़ास निकाली। पीएम के मन की बात के लिए इकट्ठे हुए पुराने भाजपाइयों ने अप्रत्यक्ष रूप से विरोध का बिगुल फूंक दिया है।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओमी गुरु के घर पर सुनी गई पीएम के मन की बात सुनने के लिए सोनू बिरथरे, पूर्व पार्षद भोपाल सिंह दांगी, गोपाल कुशवाह, पूर्व महामंत्री जगभन सिंह (पिछोर) सहित आधा सैकड़ा पुराने भाजपा नेता एकजुट हुए। जैसे ही पीएम ने अपने मन की बात पूरी की, इधर मौजूद भाजपा नेताओं ने अपने मन की भड़ास निकालना शुरू कर दिया। एक पार्षद ने कहा कि जब हम लोग लड़ाई लड़ रहे थे, तब आप लोग हमारे साथ खड़े होने की बजाए अपनी व्यवस्था में जुटे हुए थे, लेकिन जब वहां कुछ नहीं मिला, तो फिर अब हमारे साथ आकर खड़े हो गए।
पुराने भाजपाइयों की इस बैठक में कलेक्ट्रेट की उस फोटो पर भी खुलकर चर्चा हुई कि जो लोग पानी की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन के साथ बैठे हैं, उनमें कोई भी पुराना भाजपाई न होकर आयातित कांग्रेसियों ने ही प्रशासन पर कब्जा कर लिया है। बैठक में गुना विधायक के वायरल हुए वीडियो का जिक्र करते हुए एक नेताजी ने कहा कि इधर ही नहीं गुना में भी भाजपा विधायक ने भी अपना दर्द खुलकर बयां करने के साथ ही आयातित नेताओं को मंत्री बनाए जाने को खुलकर विरोध वीडियो के माध्यम से किया है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि पुराने भाजपा नेता केवल शिवपुरी ही नहीं, बल्कि गुना में भी आयातित कांग्रेसियों से व्यथित हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि खुलकर विरोध किया जाए। इस तरह से आज हुई बैठक को पुराने भाजपाइयों के विरोध का बिगुल बज चुका है, तथा आने वाले समय में यह विरोध और भी अधिक बढ़ सकता है।







