
विवादों में उलझी नगरपालिका, सिंध की सप्लाई रुकने से शहर गहराया जल संकट, वो कह रहे, मैं विकास करवा दूंगा
शिवपुरी शहर की पौने 3 लाख की आबादी, आग उगलते सूरज की तपन के बीच दुपहिया वाहनों से व साइकिलों से भर रहे पानी
शिवपुरी। आसमान से आग बरस रही है, गर्मी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी कर दी गईं। ऐसे हालातों के बीच शिवपुरी शहर की जनता का दिन भर पानी की कट्टियां ढोने को मजबूर है। सिंध की सप्लाई 4 दिन से ठप है, तेज गर्मी के बीच कूलर में हर एक घंटे पर एक कट्टी पानी लग रहा है। पानी की इतनी अधिक खपत के बीच सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई मोटर खराब हो जाने से शहर में पानी नहीं आ रहा। ऐसे में शिवपुरी शहर के मासूम बच्चों से लेकर वृद्ध तक पानी की खाली कट्टियां लेकर अपने नम्बर का इंतजार लू के थपेड़ों के बीच कर रहे हैं। जिस शहर में भीषण गर्मी के बीच लोग पानी ढोने को मजबूर हों, वहां के सांसद नपा में चल रहे विवाद से खुद को दूर करके बोले कि विकास तो मैं करवा लूंगा। विकास तो शहर के बाज़ार की सड़कों पर दिख रहा है, वो शहर की जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधा ही दिलवा दें, तो काफी होगा।
नपा में कुर्सी बचाओ अभियान
शिवपुरी शहर की जनता को पानी मिले या ना मिले, इससे जिम्मेदार एजेंसी नगरपालिका को कोई लेना देना नहीं है। उसमें तो अध्यक्ष व सीएमओ आमने- सामने हैं, तो कई पार्षदों सहित शहर की जनता भी भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा दिलवाना चाहती है। पानी सप्लाई की मोटरों की रिपेयरिंग करवाने की चिंता करने की बजाए सीएमओ का नाम लोकायुक्त के ट्रैपिंग कांड में सामने आ रहा है। अभी तो माल कमाओ, जिसे कुर्सी बचाने में लगाओ, यही सब शहर में चल रहा है, और जनता इन हालातों को झेल रही है।
दिल्ली का बीटों कर रहा काम::
भ्रष्टाचार के मामले में नपाध्यक्ष एवं सीएमओ को सहआरोपी बनाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दिए। जिन पर जांच में भ्रष्टाचार साबित हो गया, तथा करोड़ों की फाइलें गायब करने के बाद भी दिल्ली में हाथ जोड़कर लगाई जाने वाली हाजिरी अधिक कारगर है। शहर की जनता विकास नहीं मूलभूत सुविधा मांग रही, वो ही दिलवा दो, हम मान लेंगे शिवपुरी आधुनिक पर्यटन नगरी बन गई।







