
करेरा में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो गोदाम सील, लगभग 1650 क्विंटल अनाज जब्त
गल्ला व्यापारियों की चिंता बढ़ी, गुटखा पाउच फैक्ट्री चलाने वाले का नाम अभी तक नहीं चला पता
शिवपुरी। जिले के करेरा अनुविभाग में इन दिनों प्रशासनिक छापामार कार्यवाही से गल्ला कारोबारियों की नींद उड़ी हुई है। मंगलवार को करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल एवं तहसीलदार ललित शर्मा ने अपनी टीम के साथ दो गोदामों पर छापामार कार्यवाही करते हुए 1650 क्विंटल अनाज जब्त करके गोदाम सील कर दिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन ने 4 दिन पहले जिस गुटखा फैक्ट्री को सील किया, उसके संचालक का अभी तक पता नहीं चल सका।
करेरा एसडीएम अनुराग निंगवाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए राधेश्याम ट्रेडर्स और कृष्णा ट्रेडर्स के दो गोदामों को सील कर दिया। प्रशासन की टीम ने छापेमारी के दौरान गोदामों में बड़ी मात्रा में अनाज का भंडारण पाया। जिसमें 1200 क्विंटल गेहूं, 200 क्विंटल ज्वार और 250 क्विंटल मूंगफली स्टॉक में मिली है। आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कई बड़ी गड़बड़ियां सामने आने पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की गई। करेरा में व्यापारी बिना मंडी टेक्स चुकाए सीधे किसान से फसल खरीदकर एक तरफ शासन की टैक्स चोरी कर रहे थे, वहीं उसी फसल को अधिक दाम में बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
शिवपुरी में भी ऐसी कार्रवाई की दरकार:
जिला मुख्यालय शिवपुरी में भी कई ऐसे गोदाम हैं, जिनकी यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करे तो हजारों क्विंटल अनाज बिना मंडी टैक्स चुकाए मिलेगा। इनमें से अधिकांश गोदाम नेताओं के रिश्तेदार हैं, जो किसानों से सीधे ही फसल खरीदकर गोदामों में भरे हुए हैं।
गुटखा की फैक्ट्रियों पर प्रशासन की नरमी:
करेरा के अमोला में 4 दिन पूर्व पकड़ी गई गुटखा पाउच की अवैध फैक्ट्री को सील करने के बाद प्रशासन अभी तक फैक्ट्री चलाने वाले का पता नहीं कर पाए, या फिर करना नहीं चाहते। शिवपुरी के बडौदी क्षेत्र में चल रही गुटखा फैक्ट्री के मामले में शिवपुरी एसडीएम ने उद्योग विभाग के पाले में गेंद डाली, तो उद्योग विभाग में यह कहते हुए बॉल वापस एसडीएम के पाले में भेज दी, कि उक्त फैक्ट्री इंडस्ट्रियल एरिया में नहीं है।







