
भ्रष्टाचार मामले में नपाध्यक्ष व सीएमओ का नाम जोड़े जाने के मामले में पीएस सहित पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट से नोटिस जारी
जल्द निराकरण करने के उद्देश्य से एक सप्ताह यानि 5 मई को किया कोर्ट ने तलब, देना होगा जवाब, क्यों नहीं जोड़े गए नाम
शिवपुरी। नगरपालिका शिवपुरी में हुए भ्रष्टाचार मामले में पार्षदों की ओर से हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका में अब कार्यवाही आगे बढ़ी है। इसमें हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित एसपी शिवपुरी, एसडीओपी कोलारस आदि को नोटिस जारी किए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें अगली तारीख एक सप्ताह यानि 5 मई को लगाई गई है।
गौरतलब है कि शिवपुरी नगरपालिका में हुआ भ्रष्टाचार प्रशासनिक जांच में प्रमाणित होने के बाद दो इंजीनियर व ठेकेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का मामला दर्ज करने के बाद तीनों को जेल भी जाना पड़ा था। धरातल पर बिना काम किए ही नपा से भुगतान लेने के इस मामले में आरोपी बने ठेकेदार की जमानत याचिकाएं जब खारिज हुई थीं, तो न्यायालय ने उसमें उल्लेख किया था कि जिन लोगों के हस्ताक्षर से यह भुगतान जारी हुआ, उनकी संलिप्तता भी इसमें प्रदर्शित होती है। चूंकि इंजीनियरों के अलावा एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सीएमओ एवं नपाध्यक्ष ने भी भुगतान की फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। यानि इस खेल में उनकी भी भूमिका रही थी। ज्ञात रहे कि नपा में चल रहे भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले पार्षदों ने एसपी शिवपुरी को भी आवेदन दिया था, तब पुलिस अधीक्षक ने यह आश्वासन दिया था कि नगरपालिका एक्ट में दिखवाने के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। अफसोस कि वो अभी तक एक्ट नहीं दिखवा पाए।
कार्यवाही न होने से परेशान पार्षदों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस मामले में बीते सोमवार को हाईकोर्ट ने नाम जोड़ने के लिए जिम्मेदार पीएस सहित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। अब इसमें आगामी 5 मई को हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए तारीख तय की है। सूत्रों की माने तो इस मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस का ट्रांसफर हो गया, तथा अब जो जस्टिस सुनवाई करेंगे, वो क्विक एक्शन वाले बताए जाते हैं।
शहर के मोडा का समय आया खराब…!
शिवपुरी शहर में पले- बढ़े नपा सीएमओ पर वास्तुदोष उल्टा पड़ता दिख रहा है। पिछले दिनों लोकायुक्त द्वारा करोसिया बाबू को 40 हजार की रिश्वत लेते जब पकड़ा, तो उसने भी सीएमओ का नाम ही लिया है, कि उनके कहने पर ही मैने रिश्वत मांगी थी। अब भ्रष्टाचार अधिनियम मामले में नाम जोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा गांधी पार्क में लगवाए गए निशुल्क स्वदेशी मेले के प्रकरण में लोकायुक्त भोपाल के उप विधि सलाहकार संतोष कुमार शुक्ल ने 23 जून तक सीएमओ से दस्तावेज मांगे हैं। यह मामला जिला अभिभाषक संघ के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विजय तिवारी ने लगाया है। चूंकि सीएमओ पहले से ही सस्पेंड होने के साथ ही स्टे पर टिके हुए हैं, और अब आगे का समय उनका इसी तरह तारीख करने में निकल जाएगा।







