April 29, 2026
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज स्टाफ भर्ती घोटाले की आरटीआई में जानकारी देने की बजाए मेडिकल छात्र को प्रबंधन ने उलझाया

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज स्टाफ भर्ती घोटाले की आरटीआई में जानकारी देने की बजाए मेडिकल छात्र को प्रबंधन ने उलझाया

शिकायत करवाकर लगवाए गंभीर आरोप, बनाई जांच कमेटी, निर्णय को दबाए रहा प्रबंधन, जांच में निर्दोष की रिपोर्ट भी आरटीआई से दी

शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में हुए स्टाफ भर्ती घोटाले की जानकारी लेने के लिए मेडिकल कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्र में आरटीआई लगाई। चूंकि नर्स भर्ती में बड़ी राशि वसूलकर नियमों को ताक पर रख दिया गया। इसलिए प्रबंधन ने वो जानकारी देने की बजाए अपने ही कॉलेज के छात्र की शिकायत पैथोलॉजी एचओडी से करवाकर कई गंभीर आरोप लगवा दिए गए। इन आरोपों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने डॉ. पंकज शर्मा सहित 4 पदाधिकारियों की टीम बनाई। उस टीम ने छात्र को निर्दोष पाया, लेकिन वो जांच रिपोर्ट छात्र को 4 महीने बाद तब दी गई, जब उसने उसके लिए भी आरटीआई लगाई।
शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रानू लोधी ने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने कॉलेज में हुए कथित घोटाले को उजागर करने के लिए RTI (सूचना का अधिकार) दायर की थी, लेकिन आज तक उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इस बीच, 11 नवंबर 2025 को पैथोलॉजी विभाग की एचओडी अपराजिता तोमर द्वारा छात्र के खिलाफ आरोपों से भरा पत्र डीन को सौंपा गया। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीन ने अनुशासनहीनता की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। 14 नवंबर 2025 को छात्र रानू लोधी जांच समिति के सामने पेश हुआ और अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों की जांच के बाद समिति ने 22 नवंबर 2025 को आदेश जारी करते हुए छात्र को निर्दोष करार दिया।

जांच रिपोर्ट दबाकर बैठे, फिर लगाई RTI

रानू ने आरोप लगाया कि जांच समिति का आदेश तैयार होने के बावजूद उसे जान- बूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया, तथा कॉलेज प्रशासन ने आदेश को दबाए रखा। छात्र को आखिरकार यह आदेश अप्रैल 2026 में RTI के माध्यम से प्राप्त हुआ। इससे यह सवाल उठता है कि जब छात्र निर्दोष था, तो आदेश को रोके रखने की क्या वजह थी?

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हुए भर्ती घोटाले का प्रश्न पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने भी लगाया था। उस प्रश्न को भी प्रबंधन ने किसी भी तरह से दबा दिया। मेडिकल कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्र रानू का कहना है कि मैं भर्ती घोटाले की जानकारी लेने की प्रक्रिया जारी रखूंगा। बड़ा सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज स्टाफ भर्ती घोटाले को छुपाने में प्रबंधन पूरे जोर से लगा हुआ है।

डीन बोले: पैरामेडिकल का छात्र है

जिस छात्र ने आरटीआई लगाई है, वो पैरामेडिकल का छात्र है, जो स्वयं पत्रकार है। अब पैरामेडिकल स्टाफ से जानकारी लेकर ही कुछ बता पाऊंगा।
डॉ. डी परमहंस, डीन मेडिकल कॉलेज शिवपुरी

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज स्टाफ भर्ती घोटाले की आरटीआई में जानकारी देने की बजाए मेडिकल छात्र को प्रबंधन ने उलझाया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page