
बेटी के कुएं में कूदने की पिता को सूचना देने वाले 4 लोगों पर कार्यवाही नहीं कर रही करेरा पुलिस: पिता का आरोप
तीन माह से भटक रहा पिता, एसपी आफिस में दिया आवेदन, टीआई बोले: मर्ग की जांच चल रही, पिता ने सुसाइड करने की कही थी
शिवपुरी। मेरी नाबालिग बेटी 13 जनवरी को बम्हारी गांव के मंदिर में दीपक रखने शाम को घर से निकली, लेकिन फिर लौटकर नहीं आई। बेटी नहीं आई तो परिवारजन उसे ढूंढने निकले, इसी बीच कुंवरजी चौहान ने पिता को फोन लगाकर बताया कि तेरी बेटी कुएं में कूद रही है, उसे बचा ले। जब मैं अपनी बेटी को तलाशते हुए बताए गए कुएं पर पहुंचा, तो वहां पर कुंवरजी चौहान,चाली राजा, वीपीराजा, रावसाहब चौहान खड़े मिले, जो काफी डरे हुए थे। यह बात ग्राम बम्हारी के नंदराम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए शिकायती आवेदन में लिखा है।
पीड़ित पिता ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि गांव वालों की मदद से मेरी बेटी को कुएं से जब बाहर निकाला, तो पता चला कि उसके कपड़े कहीं और पड़े थे, चप्पल व दुपट्टा भी कहीं ओर पड़े हुए मिले, जिससे यह समझते देर नहीं लगी कि बेटी के साथ गलत काम करके उसे कुएं में मारकर फेंक दिया गया। बकौल पीड़ित पिता, मैने करेरा थाने जाकर अपनी बेटी की हत्या का मामला उक्त चारों के खिलाफ दर्ज कराने के लिए गया, तो पुलिस ने दुत्कार कर भगा दिया। पिछले तीन महीने से यह पीड़ित पिता इधर उधर भटक रहा है, तथा करेरा थाने से मिली दुत्कार व संदिग्ध आरोपियों द्वारा दी जा रही धमकी के बीच पिता ने शिवपुरी आकर एसपी ऑफिस में आवेदन दिया है। जिसमें उसने अपनी बेटी के कथित हत्यारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
बोले टीआई: चल रही मर्ग की जांच, पिता ने पहले सुसाइड की बात कही थी
करेरा टीआई विनोद छावई का कहना है कि लड़की की पानी में डूबने से मौत हुई, यह पीएम में आया है। परिजनों ने पहले बयान दिया था कि हमारी बेटी ने सुसाइड किया है। यदि वो रिपोर्ट करना चाहते हैं, तो हमारे पास आ जाएं, हम बयान दर्ज कर लेंगे। उनके पूर्व के बयान हमारे पास रिकॉर्डेड हैं। उस मामले की अभी जांच चल रही है।
बड़ा सवाल:एक तरफ सरकार के नेता किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत से पहले कन्या पूजन करने के साथ ही बेटियों की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के दावे करते
हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक पिता अपनी बेटी की हत्या का मामला दर्ज करने की गुहार लगाते हुए करेरा से शिवपुरी तक आ गया। यानि बेटी सुरक्षा के दावे खोखले हैं, गरीब को बेटी गंवाने के बाद भी पुलिस की फटकार मिल रही है।







