
शिवपुरी प्राचीन जिला, यहां पर समस्याएं अलग होंगी: पहले हम समझ लें कि समस्या क्या हैं?, लोगों से ही हल पूछेंगे
पदभार ग्रहण करने के बाद बोलीं नवागत एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया: महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी
शिवपुरी। वर्ष 1956 में बना शिवपुरी जिला काफी प्राचीन है, इसलिए यहां पर अलग इश्यू होंगे। ट्रैफिक को पहले हमें देखना होगा, उसके बाद लोगों से ही समस्या का हल पूछेंगे। यह बात शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने वाली नवागत पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया ने मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रहेगी।
शिवपुरी के निवर्तमान एसपी अमन सिंह राठौड़ का ट्रांसफर आदेश 3 मई को आने के महज़ 24 घंटे में बंगला खाली करके तथा रात में ही फेयरबेल में शामिल होकर सुबह रवाना हो गए। उसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि नवागत एसपी यांगचेन डोलकर प्रभार संभालेंगी। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक इंदौर में रहते हुए उनके बच्चे व परिवार भी सेटल था, इसलिए वो संशोधन कराने के लिए प्रयासरत रहीं, लेकिन बात बनी नहीं, तो पांच दिन बाद 8 मई को शिवपुरी में पदभार ग्रहण किया।
नवागत एसपी ने कहा कि शिवपुरी में कानून व्यवस्था का आमजन के लिए बेहतर पालन हो, अपराधों पर अंकुश लगे, अपराधियों में कानून का डर एवं आमजन में पुलिस के प्रति पॉजिटिव विश्वास बने, यह हमारा प्रयास रहेगा। जब उनसे पूछा कि आपकी कार्यप्रणाली सख्त होने की चर्चा है, तो वे बोलीं कि जो चर्चा कर रहे हैं, वो ही बता पाएंगे।
बातचीत के यह हो सकते हैं मायने..
महिलाओं व बच्चों के संबंध में काम करने का मतलब तेजी से नशे की तरफ बढ़ रहे बच्चों को सुरक्षित करना होगा। हर तरफ खुदे पड़े शहर में बदहाल हो चुकी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त होगी। प्राचीन शिवपुरी के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
जल्द डीआईजी बनेंगी नवागत एसपी:
शिवपुरी में पदभार ग्रहण करने वालीं नवागत एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया सीनियर एसपी हैं, तथा कुछ महीनों बाद उनका प्रमोशन डीआईजी के पद होगा। यानि वो शिवपुरी में लंबी पारी नहीं खेलेंगी।









