
शिवपुरी में तो पार्टी का कार्यालय ही नहीं: कोठी नंबरं-1 पर है भाजपा का कब्जा, नया भी अधूरा छोड़ा
दतिया में हुए बबाल के बाद कई जगह काफी कुछ चलने की सुगबुगाहट, सब कुछ दिल्ली से
शिवपुरी। केंद्र को हर स्टेट में अपनी सरकार चाहिए, तो फिर उपचुनाव में एक विधायक भी क्यों खोएं..? शायद यही वजह है कि एनवक्त पर प्रत्याशी बदल दिया। उसके बाद जो कुछ हुआ, वो भी वरिष्ठ नेताओं तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचता रहा, तो फिर पुलिस व प्रशासन ने एक्शन लिया। मिश्रा समर्थकों ने दतिया के भाजपा कार्यालय पर कब्जा कर लिया, जिसे खाली कराने पहुंचे एसपी व कलेक्टर ने सख्ती दिखाई। शिवपुरी में यदि भाजपा कार्यकर्ता नाराज हुए तो कहा इकठ्ठा होंगे?.. कोठी नंबर – 1 पर, क्योंकि पार्टी अपना कार्यालय शिवपुरी में बना ही नहीं पाई।
दतिया में उपचुनाव की घोषणा होने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी, क्योंकि वो खुद को ही अघोषित प्रत्याशी मान बैठे थे। लाडली बहना प्रोजेक्ट लाकर मध्यप्रदेश में एग्जिट पोल उलटने वाले शिवराज मामा ने भी यही सोचा था कि अबकी बार-फिर हमारी सरकार। रातोंरात फैसला बदला, दिल्ली से आया फरमान, डॉ. मोहन यादव के हाथों में होगी कमान। शिवराज सिंह चौहान भी मन मसोस कर ही रह गए, चुपचाप दिल्ली निकल गए। बताते हैं कि उनकी भी कोई फाइल आलाकमान के पास मौजूद है, जिसके खुलते ही कई सारी एजेंसियां काम पर लग जाएंगी।
सोशल मीडिया पर बदलीं तस्वीरें व वीडियो:
दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा ने सभाएं करना शुरू कर दिया था। उनके समर्थकों ने दतिया के विकास वाले वीडियो चल रहे थे। प्रत्याशी बदलते ही वीडियो बदल गए तथा लाइसेंस बनाने से पहले गोली मारने की बात कहने वाले ऑडियो भी निकल आए। सबसे तेज प्लेटफार्म पर अब दिल्ली में फाइल खुलने एवं भोपाल में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। अब देखते हैं क्या होगा..?







