
दतिया में बबाल पर पुलिस एक्शन से मिली लोगों को राहत, खुला जाम, शुरू हुआ आवागमन
इस्तीफों से असमंजस में आशुतोष, कांग्रेस से लड़ें या अपनों से, चुनाव में बचा बहुत कम समय
शिवपुरी से सैमुअल दास::
दतिया में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार की शाम जैसे ही प्रत्याशी घोषित किया, तो राजनीति में उफान आ गया। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने न केवल हाइवे जाम कर दिया, बल्कि अपने राजनीतिक पदों से इस्तीफे देना शुरू कर दिया। रात भर बबाल काटने के बाद शनिवार की सुबह पुलिस ने एक्शन शुरू किया, तो जाम में फंसे वाहनों के पहिए हाइवे पर दौड़ने लगे। आज नरोत्तम मिश्रा ने भी समर्थकों को शांति बनाए रखने की सलाह देने की औपचारिकता निभाई।
इन सभी हालातों के बीच उपचुनाव के भाजपा द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी असमंजस में है। अब चुनाव में समय कम है, और उनकी पार्टी के मिश्रा समर्थक पदाधिकारी इस्तीफे दे रहे हैं। ऐसे में वो चुनाव प्रचार में कैसे लोगों से समर्थन मांगेंगे, जब उनके अपने ही साथ न देने का कागजी ऐलान कर चुके हैं। इतने कम समय में चुनाव की तैयारी व अपनों को समझाने के लिए दोगुनी ताकत से जुटना पड़ेगा। शुक्रवार की शाम से लेकर पूरी रात दतिया के बाजार व हाइवे पर भाजपा के लोगों ने ही भाजपा मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए।
उधर कांग्रेस अभी भाजपा का मैच देख रही है, जिसके बाद उन्हें भी अपना प्रत्याशी घोषित करना होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे राजेंद्र भारती की लोकप्रियता ने कांग्रेस को यह सीट नहीं दी थी, बल्कि भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा को विरोध का परिणाम भुगतना पड़ा था।
उपचुनाव के सर्वे में भी सामने आया विरोध:
भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार की शाम को जब प्रत्याशी घोषित किया, तो वरिष्ठ नेताओं को भी प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में भी नरोत्तम मिश्रा का विधानसभा क्षेत्र में चल रहा विरोध सामने आया था, इसलिए पार्टी ने उस समय टिकिट बदल दिया, जब मिश्रा अपने समर्थकों के अलावा पार्टी के नेताओं के साथ सघन जनसंपर्क में जुटे हुए थे।







