July 2, 2026
नाम दुरुस्ती के एवज में पटवारी अशोक के माध्यम से पोहरी एसडीएम ने मांगी 10 हजार की रिश्वत, ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज

नाम दुरुस्ती के एवज में पटवारी अशोक के माध्यम से पोहरी एसडीएम ने मांगी 10 हजार की रिश्वत, ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज

कुछ दिन पूर्व ही कलेक्ट्रेट से पोहरी एसडीएम के रूप से पदस्थ हुए थे जेपी गुप्ता, वॉयस रिकॉर्डिंग के सहारे दर्ज हुआ प्रकरण

शिवपुरी। जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज हुए गलत नाम को दुरुस्त कराने के एवज में पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता बछोरा पटवारी अशोक वर्मा के माध्यम से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत मांगे जाने की आवाज रिकॉर्ड होने के बाद ईरोडव्ल्यू ग्वालियर ने एसडीएम एवं पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि जेपी गुप्ता अभी 15 दिन पूर्व ही कलेक्ट्रेट शिवपुरी से पोहरी एसडीएम नियुक्त किए गए है।

यह है मामला:

शिवपुरी कत्था मिल के पास रहने वाले गोविंद शिवहरे ने बाबू सिंह पुत्र रायसिंह राजपूत निवासी बैराड़ से उनके स्वामित्व की ग्राम रघुनाथपुरा में स्थित कृषि भूमि का 1 लाख रुपए एडवांस देकर अनुबंध करवाया था। जब रजिस्ट्री कराने का समय आया तो राजस्व रिकॉर्ड में बाबू सिंह पुत्र रायसिंह की जगह बाबू पुत्र रामसिंह लिखा हुआ था। इस नाम को दुरुस्त कराने के लिए जब बाबू सिंह ने एसडीएम ऑफिस में आवेदन दिया, तो पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता ने पटवारी अशोक वर्मा के माध्यम से 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। जबकि बाबूसिंह रिश्वत देने को तैयार नहीं था।

फिर ली ईओडब्ल्यू की शरण:

रिकॉर्ड में नाम दुरुस्ती के एवज में मांगी जा रही रिश्वत के खिलाफ शिकायत करने गोविंद शिवहरे ने ईओडब्ल्यू की शरण ली। बीते 25 जून को ईओडब्ल्यू ने अपने एक आरक्षक को वॉयस रिकॉर्डर के साथ पोहरी भेजा। जिसमें एसडीएम एवं पटवारी द्वारा मांगी जा रही रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड की गई। यह रिकॉर्डर 28 जून को ईओडब्ल्यू ऑफिस ग्वालियर में दिया गया। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता एवं पटवारी अशोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।

कलेक्ट्रेट में हुई लेनदेन की बात:

इस पूरे मामले का रोचक पहलू यह है कि ईओडब्ल्यू द्वारा दिए गए वॉयस रिकॉर्डर से एसडीएम एवं पटवारी से बातचीत की रिकॉर्डिंग शिवपुरी कलेक्ट्रेट में हुई है। उक्त दोनों रिश्वतखोर किसी बैठक आदि में कलेक्ट्रेट आये थे, और इसी लाल बिल्डिंग में अपनी 10 हजार रिश्वत मांगे जाने की बातचीत कर ली थी।

शिवपुरी में प्रशासनिक भ्रष्टाचार चरम पर:

शिवपुरी जिला मध्यप्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है, जिसमें शायद ही कोई महीना ऐसा जाता है, जब लोकायुक्त एवं ईओडब्ल्यू ने किसी रिश्वतखोर को दबोचा न गया हो। जिले में मुखिया भले ही बदलते रहे, लेकिन भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी का सिस्टम बदस्तूर जारी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि लोकायुक्त द्वारा इधर- उधर पकड़ने के अलावा कलेक्ट्रेट में ही 4 बार रिश्वतखोरों को दबोचा गया।

नाम दुरुस्ती के एवज में पटवारी अशोक के माध्यम से पोहरी एसडीएम ने मांगी 10 हजार की रिश्वत, ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज
नाम दुरुस्ती के एवज में पटवारी अशोक के माध्यम से पोहरी एसडीएम ने मांगी 10 हजार की रिश्वत, ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज
ऊपर एसडीएम जेपी गुप्ता, नीचे पटवारी अशोक वर्मा

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