
बगीचा सरकार विवाद में साधु संतों के साथ गुर्जर समाज ने सौंपा एसपी को ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
बोले साधु संत: रात 10 बजे भोला आया था साथियों के साथ हमला करने, पुनः आकर बनाया भय का माहौल
शिवपुरी। जिले के करेरा में स्थित बगीचा सरकार पर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को साधु संतों के साथ गुर्जर समाज के लोगों ने एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया को ज्ञापन सौंपकर भोला पंडित व उसके साथियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। चूंकि अपराध में घटनास्थल महत्वपूर्ण होता है, तथा रात 10 बजे मंदिर में हमला करने भोला आया था, इसलिए उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी ज्ञापन में दी है।
गुर्जर समाज के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि बीते 9 मई को जब मंदिर के महंत व अन्य साधु पूजा पाठ कर रहे थे, तब रात 10:30 भी राजेश उर्फ भोला पंडित अपने 20-25 साथियों के साथ मंदिर पर हमला करने पहुंचा था। चूंकि साधु संत तो उससे लड़ने नहीं गए, बल्कि वो अपने साथियों के साथ हमला करने आया था। किसी भी अपराध में घटनास्थल का महत्व होता है, कि कौन किसके ठिकाने पर लड़ने पहुंचा। चूंकि उस समय महंत के कुछ समर्थक मौजूद थे, इसलिए हमले का पलटवार हो गया। इस मामले में पुलिस ने साधु संतों को फरियादी बनाने के बजाए उनके समर्थकों को आरोपी बना दिया, जबकि हमला करने भोला आया था।
पिछले दिनों भोला फिर आया, माहौल बिगाड़ा:
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि इस घटना के बाद बीते शनिवार की रात भोला फिर अपने समर्थकों के साथ मंदिर में आया, तथा वहां पर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि साधु संतों पर हमला करने वाले भोला पंडित व उसके समर्थकों के साथ 10 दिन में कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा की स्थिति में गुर्जर समाज व साधु संत मिलकर आंदोलन करेंगे। इतना ही नहीं भोला पंडित को मंदिर परिसर के आसपास आने पर भी प्रतिबंध लगाया जाए, वरना फिर से संघर्ष होने की आशंका जताई।







