
अमोला क्रमांक-दो में चल रही अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, शिवपुरी व ख़तौरा में भी बन रहा गुटखा
डिमांड बढ़ने की वजह से अमोला के अलावा शिवपुरी में बड़ौदी के पास एवं ख़तौरा में बन रही पहेली व लहर गुटखा
शिवपुरी। मड़ीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आए ग्रामों में रहने वाले ग्रामीणों का विस्थापन करके जो अमोला क्रमांक1, 2 व 3 बसाए गए, उनमें क्रमांक दो में चोरी छुपे गुटखा बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इस फैक्ट्री से बना हुआ एवं निर्माणाधीन गुटखा पाउच बड़ी मात्रा में मिले हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी तरह की गुटखा बनाने की फैक्ट्री बड़ौदी के पास स्थित एक बड़े भवन में संचालित हो रही है, जबकि कोलारस के ख़तौरा में भी इसी तरह की गुटखा फैक्ट्री संचालित हो रही है। जिसमें लहर एवं पहेली गुटखा बनाया जाकर हर दिन लगभग 50 लाख का गुटखा सप्लाई हो रहा है।
शिवपुरी जिके के अमोला थाना अंतर्गत नया अमोला में शुक्रवार दोपहर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गुटखा निर्माण फैक्ट्री पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार गुटखा और निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री जब्त की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल और एसडीओपी आयुष जाखड़ के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम ने सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी और फैक्ट्री में चल रहे अवैध निर्माण को पकड़ा। बताया जा रहा है कि यह गुटखा फैक्ट्री नया अमोला और सिरसौद तिराहे के पास कंथरिया पेट्रोल पंप के नजदीक पिछले करीब दो वर्षों से संचालित थी। यहां दिन-रात बड़े पैमाने पर गुटखा तैयार किया जा रहा था। जिस भवन में छापेमारी की गई, उसे कारोबारियों ने जनपद सदस्य के पति जितेंद्र वैश्य से करीब दो वर्ष पहले किराए पर लिया था। सूत्रों की मानें तो इस भवन का 30 हजार रुपए मासिक किराया बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सिरसौद तिराहे के पास एक गोदाम में भी इसी तरह गुटखा निर्माण का कार्य संचालित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन इस एंगल पर भी जांच कर रहा है। जब्त किए गए गुटखे के असली या नकली होने की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। इसके लिए सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसे और ठिकानों पर भी कार्रवाई संभव है। बताया जा रहा हैं जितेंद्र बेस की पत्नी जनपद सदस्य हैं।
शिवपुरी व ख़तौरा के जांच की दरकार
प्रशासन एवं पुलिस की इसी तरह की संयुक्त कार्यवाही की दरकार शिवपुरी के बड़ोंदी एवं ख़तौरा के बन रहे गुटखा फैक्ट्रियों पर भी है। बताते है कि इसमें बड़े पैमाने पर लहर एवं पहेली के नाम से गुटखा की पेकिंग करके पिकअप वाहनों से उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूसरे राज्यों में भी पहुंचाई जा रही है। खरई बेरियर पर जीएसटी चेकपोस्ट बंद होने से गुटखा कारोबारी हर दिन लगभग 50 लाख का माल सप्लाई कर रहे हैं।









