
आदमखोर हुई बाघिन तो टाइगर रिजर्व के आसपास बसे गांव में आए दिन होंगी सरवन जैसी घटनाएं
एमटी -6 की दहशत से चिंतित एरावत के ग्रामीणों ने 5 घंटे किया चक्काजाम, सुरक्षा का वायदा नहीं कर पाए जिम्मेदार
शिवपुरी। दिसंबर 2025 में शिवपुरी लाई गई मादा टाइगर एमटी6 की केस हिस्ट्री यदि आदमखोर की हुई, तो माधव टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की जान को खतरा ही रहेगा। बीते शुक्रवार को एरावन के जंगल की नदी किनारे टुकड़ों में मिले सरवन आदिवासी की लाश की तरह अन्य ग्रामीणों की जान को भी खतरा बना रहेगा। शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने सतनबाड़ा-नरवर रोड पर 5 घंटे तक जाम लगाया। बाद में माधव टाइगर रिजर्व के डीएफओ हरिओम ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी, लेकिन सुरक्षा की गारंटी किसी ने नहीं ली।
सतनबाडा रेंज के अंतर्गत आने वाला ग्राम एरावत गांव के चारों तरफ माधव टाइगर रिजर्व का जंगल मौजूद है, तथा इस गांव की बसाहट कोर एरिया में होने की वजह से बाघिन जंगल से गांव के आसानी से प्रवेश कर जाती है। गांव में रहने वाले लोग अभी भी उसी तरह से बेफिक्र होकर जंगल की नदी में नहाने आते हैं, जो अब किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। 50 वर्षीय सरवन आदिवासी भी हर बार की तरह तीन दिन पूर्व जंगल की नदी में नहाने गया, संभवतः उसी समय मादा टाइगर भी पानी के किनारे बैठी होगी, तथा उसने सरवन के शरीर को टुकड़ों में बांट दिया।
चूंकि केवल एमटी6 बाघिन का कॉलर आईडी अभी काम कर रही है, इसलिए माधव टाइगर रिजर्व की टीम को उसकी लोकेशन उसी जगह की मिली थी।
मादा टाइगर ने शिवपुरी में यह पहला शिकार कर लिया है, और अब उसे इंसानी खून एक बार लग जाता है, तो फिर उसे आदमखोर बनने में अधिक समय नहीं लगता। ऐसे में शिवपुरी जिले के उन ग्रामों में खतरा अधिक बढ़ गया, जो माधव टाइगर रिजर्व के आसपास बसे हुए हैं। क्योंकि यह बाघिन जबसे आई है, तभी से वो जंगल छोड़कर रिहायशी इलाकों में ही घूम रही है। चूंकि टाइगर को जल्दी जल्दी ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सकता, इसलिए टीम सिर्फ बाघिन का पीछा कर रही है, लेकिन उसे पकड़ने का प्रयास नहीं कर रही।
मूवमेंट के अनुरूप करवाते हैं एनाउंस
माधव टाइगर रिजर्व के डीएफओ हरिओम का कहना है कि एमटी-6 की पुरानी हिस्ट्री आदमखोर की नहीं है। चूंकि उसका पीछा हमारी टीम कर रही है, इसलिए उसके मूवमेंट वाले एरिया में हम एनाउंस करवा देते हैं, कि ग्रामीण अपने घरों में ही रहें। चूंकि जंगल में ही गांव बसा हुआ है, इसलिए आमजन के साथ वन्यजीव भी सुरक्षित रहे, यही हमारा प्रयास है।







