
शहर के नालों की सफाई तो बेहतर हुई, किनारे लगाए ढेरों को उठवाना जरूरी, तेज बारिश में वापस जाएगा नाले में
जब नाले साफ हो गए तो बारिश रूठ गई, अभी भी समय है कचरा उठाने का, अन्यथा सफाई के प्रयास होंगे बेकार
शिवपुरी। हर साल बरसात से पूर्व होने वाली नालों की सफाई इस बार कुछ बेहतर दिख रही है। नालों की सफाई में निकले कचरे को किनारे पर ही ढेर के रूप में इकठ्ठा करके रख दिया। यह तो शुक्र है कि अभी तक तेज बारिश नहीं हुई, अन्यथा किनारे रखा कचरा फिर वापस नाले में पहुंच जाता।
बरसात के मौसम में शिवपुरी शहर के कुछ इलाकों में होने वाले जलभराव का मुख्य कारण नालों में जमा गंदगी तथा किए गए अवैध कब्जे हैं। हर साल बारिश से पूर्व नगरपालिका शहर के नालों की सफाई करवाती है, जिसमें खर्च होने वाले बजट को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। यूं तो हर साल बरसात शुरू होने के 2-4 दिन पहले ही सफाई शुरू होती थी, तथा तेज बारिश आने के बाद सफाई ठप करके नाला सफाई के नाम पर बजट पूरा खर्च किया जाता था।
इस बार भी लगभग उसी समय से नाला सफाई का काम शुरू किया गया, लेकिन बारिश में देरी होने की वजह से नालों की सफाई के लिए समय मिल गया। यही वजह है कि इस बार नाले बेहतर तरीके से साफ करके उनका कचरा किनारे पर ही रख दिया गया है। चूंकि बारिश के नाम पर हल्की बूंदाबांदी हो रही है, इसलिए वो कचरा भी सूख चुका है। अब नगरपालिका के पास समय है कि वो उसे नाले से दूर फिकवा दे, क्योंकि कभी भी तेज बारिश हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो की गई पूरी सफाई धरी रह जाएगी।
नालों में डेमेज हो चुके हैं सीवर चैंबर::
शिवपुरी शहर में पिछले 13 साल से चल रहा सीवर प्रोजेक्ट इसलिए हम फेल लिख रहे हैं, क्योंकि नालों में बनाए गए अधिकांश चेंबर डेमेज हो चुके हैं, तो कई का नामोनिशान तक नहीं बचा। चैंबर टूटने से उसका मटेरियल एवं नालोंकि गंदगी सीवर लाइन को ब्लॉक कर चुकी है। बिना जनता को लाभ मिले चौक हो चुकी सीवर लाइन में गंदगी शहर के बाहर जा पाएगी, ऐसा होना नामुमकिन है।

नालों की सफाई बेहतर, कचरा नहीं हटाया, बारिश में वापस जाने का खतरा



