
जल गंगा संवर्धन के कार्यक्रम के मंच पर स्वागत न होने से गुस्से में तमतमा कर चली गईं नपाध्यक्ष
मंच संचालक बोले: कोई स्वागत करने को तैयार नहीं था, शपथ तक तो दी नहीं, तब मंत्री ने अपने मोबाइल में से पढ़कर दिलवाई
शिवपुरी। जल गंगा संवर्धन अभियान के शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम में उस समय सभी सकते में आ गए, जब मंच से गुस्से में उठकर नगर की प्रथम नागरिक यानि नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा चली गईं। यह एपीसोड भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव का सीएमओ द्वारा स्वागत करने के दौरान हुआ। नपाध्यक्ष इस बात से नाराज हो गईं कि उनका किसी ने स्वागत नहीं किया। उधर मंच संचालक गिरीश मिश्रा का कहना है कि जब कोई स्वागत करने को तैयार नहीं है, तो मैं क्या करूं..?
गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड के पास स्थित गोरखनाथ मंदिर की बाबडी पर सोमवार की शाम 4:15 बजे जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसमें नपा उपाध्यक्ष पति रामजी व्यास मंदिर के भक्त के रूप में मंचासीन थे। इसी मंच पर नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा भी विराजमान थीं। मंच संचालक गिरीश मिश्रा ने प्रभारी मंत्री से लेकर अन्य अतिथियों का स्वागत करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया। प्रभारी मंत्री, शिवपुरी विधायक, रामजी व्यास एवं भाजपा जिलाध्यक्ष का स्वागत करने के लिए नपा सीएमओ इशांक धाकड़ को मंच संचालक ने आमंत्रित किया, लेकिन नपाध्यक्ष को किसी ने गुलदस्ता तक नहीं दिया। बस फिर क्या था, उधर सीएमओ जब जिलाध्यक्ष को गुलदस्ता दे रहे थे, तभी गुस्से में मंच से उठकर नपाध्यक्ष कार्यक्रम से ही चली गईं। यह देखकर वहां मौजूद लोगों में कई तरह की चर्चाएं चल निकलीं।
मंच संचालक ने यह दी सफाई:
कार्यक्रम में मंच संचालन कर रहे गिरीश मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पहले ही आंख दिखाकर स्वागत न करने की बात कर रहे थे। सीएमओ को भी जब बुलाया तो वो कुछ देर बाद दौड़ते हुए आए। रामजी व्यास का स्वागत मंदिर के पुराने भक्तगण के रूप में किया गया। अब ऐसे में जब कोई स्वागत करने को तैयार नहीं है, तो मैं क्या करता। मुझे तो कार्यक्रम के प्वाइंट तक बनाकर नहीं दिए गए थे।
शपथ तक मंच संचालक को नहीं दी:
जल गंगा संवर्धन अभियान की जो शपथ थी, वो भी नगरपालिका के जिम्मेदारों ने मंच संचालक को नहीं दी। गिरीश मिश्रा ने बताया कि जब शपथ की बात आई तो वो किसी के पास नहीं थी, तो फिर प्रभारी मंत्री ने अपने मोबाइल में शपथ निकालकर लोगों को दिलवाई।






