
शिवपुरी के एक और तालाब का अस्तित्व खतरे में, प्रभारी मंत्री जल संवर्धन में बावड़ी बचाने की निभाएंगे औपचारिकता
शहर के 13 तालाब निगल चुके भू- माफिया, अब 14वें मनियर तालाब पर हो रहे कब्जे, अवैध खनन व 80 फीसदी में खेती
शिवपुरी। शहर के एक और तालाब का अस्तित्व अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया। तालाब की 80 फीसदी जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही है, जबकि किनारों पर कब्जे कर मकान बनाने के साथ ही तालाब के बीच में मुरम व मिट्टी का अवैध उत्खनन हो रहा है। हम बात कर रहे हैं मनियर तालाब की, जिसके रख-रखाव के लिए आई 5 करोड़ रुपए की राशि में ओपन भ्रष्टाचार करके मुरम के गड्ढे को नगरपालिका ने तलैया बनाने के साथ ही उसका नामकरण भी केंद्रीय मंत्री की माताजी के नाम से रखने का प्रस्ताव पास कर लिया।
गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में मेला ग्राउंड के पास स्थित गोरखनाथ मंदिर के पास बनी बाबडी की रंगाई-पुराई करके जल संवर्धन कार्यक्रम आज शाम 4 बजे प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में किया जाएगा। इसे यदि जल संरक्षण के नाम पर होने वाली नौटंकी कहा जाए, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। जिसमें जिला प्रशासन भी सरकार के जल संरक्षण अभियान के कॉलम को भर लेगा, जबकि शहर में सरेआम एक प्राचीन मनियर तालाब पर कब्जा करके उसके अस्तित्व को खत्म करने की तैयारी पूरी हो गई, लेकिन जिला प्रशासन एवं नगरपालिका आँख मूंदे बैठी है। जिससे स्पष्ट है कि जिम्मेदार अधिकारी एवं मंत्री-संत्री भी केवल नाटक-नौटंकी ही करते हैं, वास्तविकता से उन्हें कोई लेना देना नहीं है।
पानी न भरने का झूठा बहाना, 2021 में फूटने की कगार पर था:
मनियर तालाब के केचमेंट एरिया में से निकली रेलवे लाइन की वजह से बरसात में तालाब में केचमेंट का पानी नहीं आ पाता है, ऐसा बहाना प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी उन भूमाफिया से मिलकर बनाते हैं, जबकि वर्ष 2021 में तालाब इतना लबालब हो गया था कि आसपास वालों को घर मकान खाली करने का अलर्ट जारी किया था।
मनियर तालाब के लिए 5 करोड़ से संवारी सूखी तलैया:
जिस मनियर तालाब का अस्तित्व खतरे में आ गया है, उस तालाब के लिए मध्यप्रदेश शासन ने 5 करोड़ रुपए की राशि जारी की थी। नगरपालिका ने उस राशि में से 10 रुपए भी मनियर तालाब में न लगाते हुए, मुरम के अवैध उत्खनन से बनी सूखी तलैया को संवारने में लगा दिए। यह शिवपुरी शहर में नगरपालिका का ओपन भ्रष्टाचार है।
पूर्व कलेक्टर ने बचाया था एक तालाब:
शिवपुरी के पूर्व कलेक्टर रविंद्र चौधरी ने शहर के भुजरिया तालाब को संरक्षित करने के लिए सुबह-शाम मॉनिटरिंग करके तहसीलदार के माध्यम से जलकुंभी मुक्त करवाया था। यह अलग बात है कि वो इस तालाब को चौपाटी नहीं बनवा पाए थे, लेकिन जल संरक्षण अभियान में उन्हें प्रदेश रैंकिंग में अच्छा स्थान मिला था। वर्तमान कलेक्टर अर्पित वर्मा भी शिवपुरी के लिए सचमुच धरातल पर जल संरक्षण करना चाहते हैं तो मनियर तालाब को बचा लें, क्योंकि यह तालाब एक बड़े एरिया को रिचार्ज करता है।









