
कानपुर कमिश्नरेट बना आईटीबीपी छावनी: खबर निगल गया गोदी मीडिया, कॉकरोच भी अपना नहीं मान रहे
देश की बड़ी घटनाओं व दिव्यांग हो चुके सिस्टम को सोशल मीडिया की ताकत से योगी ने लिया संज्ञान, खंडेलवाल कह रहे कोई अस्तित्व नहीं
शिवपुरी से सैमुअल दास::
उत्तरप्रदेश में योगी बाबा की सरकार में सिस्टम इतना असंवेदनशील हो गया कि देश की रक्षा करने वाला जवान अपनी माँ का कटा हाथ लेकर भटकता रहा। उसकी जब किसी ने नहीं सुनी तो उसकी बटालियन के कमांडेंट ने अपने आधा सैकड़ा जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैस करके कानपुर कमिश्नरेट में भेजकर छावनी बना दिया। पुलिस मौके से नौ दो 11 हो गई। इस खबर को देश की गोदी मीडिया ने न दिखाया और न पढ़ाया। यानि देश की इतनी बड़ी घटना को देश का गोदी मीडिया निगल गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि अब भाजपा के नेता कॉकरोच को भी अपने देश का ना मानते हुए पाकिस्तान व बांग्लादेशी बताकर इसे अमेरिका की चाल निरूपित करने में जुटे हुए हैं।
सरकार एवं मंत्रियों की सेवा में प्रशासन व पुलिस, के अधिकारी कार्यकर्ताओं की तरह लगे हुए हैं।केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम की वजह से शिवपुरी के बदरवास में हुई 1 करोड़ की चोरी पर वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचे। देर दोपहर एक प्रेस नोट जरूर जारी कर दिया कि कॉकरोच जनता पार्टी की सदस्यता दिलाने की आड़ में साइबर ठग एक्टिव होकर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसा हो भी सकता है, लेकिन देश का जो युवा नौकरी का फार्म भरने और परीक्षा देने के लिए परिवार व नजदीकियों की मदद लेता है, उसके खाते में से साइबर ठग क्या ले जाएगा..?, वहीं सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी तो नेताओं की धड़कने जरूर साथ छोड़ने लगेंगी। दुनिया में हमारा देश सबसे अधिक जवान है, और आज हर कदम पर जवान के साथ ही खिलवाड़ किया जा रहा है। नीट का पेपर लीक होने से देश के 22 लाख से अधिक युवा एवं उनके परिजन निराश हो गए। बच्चों की मेहनत और परिजनों का पैसा व उनका अपने बच्चे के लिए सपना भी धूमिल हो गया। पेपर लीक करने वाला भी भाजपा का नेता है, जिसकी जांच चलने की बात शनिवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कह रहे थे।
सोशल मीडिया ने दिखाई सच्चाई: सीएम ने लिया संज्ञान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार को शिवपुरी में कहा कि कॉकरोच सोशल मीडिया का मुद्दा है, जबकि प्रिंट मीडिया का स्थायित्व अलग है। आज किसी भी न्यूज पेपर एवं इलेक्ट्रॉनिक चैनल ने कानपुर का कमिश्नरेट बना आईटीबीपी छावनी, खबर नहीं दिखाई, न पढ़वाई। लेकिन सोशल मीडिया ने सच्चाई दिखाई तो मामला सीएम योगी तक पहुंचा, और अब उस आईटीबीपी जवान को न्याय मिलने की उम्मीद है। देश को गौरव जैसे कमाडेंट की जरूरत है।







