
रिश्वतकांड में लोकायुक्त ने नपा के निलंबित सीएमओ इशांक धाकड़ को बनाया सह आरोपी
बोले लोकायुक्त एसपी: जानकारी सहित 18 को नहीं आए सीएमओ, जांच में जोड़ा गया नाम
शिवपुरी। नगरपालिका शिवपुरी के स्थापना बाबू को लोकयुक्त द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले मामले में नपा सीएमओ इशांक धाकड़ को भी लोकायुक्त ने सह आरोपी बना लिया है। एसपी लोकायुक्त का कहना है कि बीते 18 मई को जानकारी सहित सीएमओ को तलब किया था, लेकिन वो नहीं आए। उस मामले में जांच में सीएमओ की संलिप्तता पाए जाने की वजह से उन्हें सह आरोपी बनाया गया है। ज्ञात रहे कि सीएमओ धाकड़ शासन से निलंबित है तथा कोर्ट के स्टे पर डटे होकर वसूली में ऐसी ही वसूली में जुटे हैं।
गौरतलब है कि बीते 18 अप्रैल को निलंबित नाकेदार हरिवल्लभ चंदोरिया को बहाल करने के एवज में 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए नपा के स्थापना बाबू भगवान लाल करोसिया को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया था। पकड़े गए बाबू करोसिया ने भी लोकायुक्त के सामने यह स्वीकार किया था कि उसने यह रिश्वत सीएमओ इशांक धाकड़ के कहने पर ही ली है। इतना ही नहीं इस मामले में फरियादी बने निलंबित नाकेदार हरिवल्लभ चंदोरिया ने भी कहा था कि बाबू भगवानलाल ने उससे कहा था कि सीएमओ से बात हो गई है, माल दे दो, तुम्हे बहाल कर दिया जाएगा।
चूंकि नपा में कर्मचारी को सस्पेंड करने एवं पुनः बहाल करने का अधिकार सीएमओ को ही है, इसलिए बाबू ने उनसे बात करके ही यह रिश्वत ली थी। इतना ही नहीं सौदा 60 हजार में तय हुआ था, जिसमें से 20 हजार रुपए पहले ही ले लिए गए थे, और 40 हजार की दूसरी किश्त लेते समय लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने स्थापना बाबू करोसिया को दबोच लिया था।
दस्तावेजों के साथ किया था तलब, नहीं गए:
लोकायुक्त ने बीते 18 अप्रैल को रिश्वत लेते बाबू को दबोचने के एक माह बाद 18 मई को नपा सीएमओ इशांक धाकड़ को ग्वालियर तलब किया था। जिसमें लोकायुक्त ने शिवपुरी सीएमओ बनने के आदेश के अलावा सीएमओ के निलंबन का कारण व आदेश, अभी तक उनके कार्यकाल में कितने कर्मचारी निलंबित किए गए, तथा उन पर क्या कार्यवाही हुई, आदि कागजात भी मंगवाए थे। खुद को आईएएस समझने वाले सीएमओ इशांक धाकड़ ने लोकायुक्त की तारीख को हल्के में लिया, तो लोकायुक्त ने एक माह की जांच में उन्हें 40 हजार के रिश्वतकांड का सह आरोपी बना दिया।
बोले लोकायुक्त एसपी: सीएमओ बने सह आरोपी
स्थापना बाबू करोसिया को 40 हजार की रिश्वत के साथ ट्रैप होने के बाद हमने 18 मई को सीएमओ इशांक धाकड़ को मय दस्तावेजों के तलब किया था। सीएमओ नहीं आए, तथा हमारी जांच में वो भी संलिप्त हैं, इसलिए उन्हें सह आरोपी बनाया है।
निरंजन शर्मा, एसपी लोकायुक्त ग्वालियर







