आरटीआई लगाने पर सीएमओ ने वसूली जमा करने के लिए जारी किया अघोषित ठेकेदार को पत्र
शिवपुरी। नगरपालिका शिवपुरी में भ्रष्टाचार किस हद तक चल रहा है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण सोमवार को जारी किया गया सीएमओ इशांक धाकड़ का एक पत्र है। जिसमें उन्होंने जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज पर चल रहे नियमाविरुद्ध पार्किंग ठेके के ठेकदार को जनवरी से अभी तक की बकाया राशि जमा करने के आदेश दिए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त दोनों स्थानों पर पार्किंग का ठेका नगरपालिका ने किया ही नहीं है, तो फिर सीएमओ कैसे वसूली करने वाले ठेकेदार को पत्र जारी कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि हर दिन पार्किंग से होने वाली वसूली में वो कथित तौर पर हिस्सेदार हैं।
गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में जिला अस्पताल के बाहर एवं मेडिकल कॉलेज परिसर में वाहन पार्किंग का ठेका नगरपालिका को करना था, जो नहीं किया गया। बावजूद इसके दोनों जगह वाहन मालिकों से पार्किंग के नाम ओर वसूली हो रही है। जब इन दोनों जगह पर पार्किंग का ठेका नहीं हुआ है, तो ऐसे में वसूली का काम नपा के कर्मचारियों को करना चाहिए था। इन ठेकों को नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा ने पूर्व के ही अवैध करार दिया था, तब सीएमओ ने कहा था कि पार्किंग वसूली नियमानुसार हो रही है। उक्त दोनों स्थानों पर पार्किंग के लिए नपा द्वारा जारी किए गए टेंडर को लेने कोई नहीं आया, तो नियमानुसार पार्किंग की वसूली नपा को करनी चाहिए थी। सीएमओ इशांक धाकड़ ने ऐसा न करते हुए अपनी सेटिंग के अनुसार ठेकेदार को गुपचुप पार्किंग वसूली का काम दे दिया। जिसमें ठेकेदार ने जनवरी 2026 से अभी तक कोई भी राशि नपा की गुल्लक में।जमा नहीं करवाई है, जबकि पूर्व निर्धारित रेट के।मुताबिक प्रतिदिन 2 हजार के मान से अभी तक की राशि 2.76 लाख रुपए होती है।
आरटीआई लगाई तो जारी किया पत्र:
उक्त दोनों स्थानों पर वाहन पार्किंग के नाम पर ठेका किसे दिया गया, तथा अभी तक कितनी राशि नपा में जमा हुई है, यह जानकारी लेने के लिए नगरपालिका में बीते शनिवार को एक आरटीआई लगाई गई। चूंकि आरटीआई में जानकारी देनी पड़ेगी, इसलिए सीएमओ ने आनन फानन में ठेकेदार के नाम से पत्र जारी करके जनवरी से अभी तक की राशि जमा करने के आदेश जारी कर दिए। पत्र जारी करते समय सीएमओ यह भूल गए कि जब दोनों स्थानों पर।पार्किंग का ठेका ही नहीं हुआ, तो फिर उन्होंने किस अधिकार और नियम से प्राइवेट ठेकेदार को पार्किंग वसूली की ठेकेदारी दे दी। इससे यह स्पष्ट हो गया कि बिना ठेके के दोनों जगह चल रही पार्किंग वसूली में ठेकेदार के साथ सीएमओ की भी कथित हिस्सेदारी है।


