
सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य कार्यों में लापरवाह मानते हुए 12 शिक्षकों के वेतन रोके
डीईओ बोले: काम नहीं करेंगे तो उसका दंड तो भुगतना होगा, कलेक्टर दे चुके हैं जिले का पहला नोटिस डीईओ को
शिवपुरी। जिले के खनियाधाना ब्लॉक में पदस्थ 12 शासकीय शिक्षकों का वेतन उनकी कमजोर कार्यप्रणाली के तहत रोक दिया गया। अप्रैल माह का वेतन अभी तक न मिलने से शिक्षकों में नाराजगी है। जो कारण बताए गए उनमें सीएम हेल्पलाइन में लंबित थोकबंद शिकायतें भी हैं। 181 से आमजन की समस्या सुलझती है, तो जिम्मेदारों को सजा भी मिलती है।
खनियाधाना के जिन शिक्षकों का वेतन रुका है, उनमें दुर्गेश दीक्षित, रामसेवक केवट, बद्री प्रसाद पुरोहित, हरिभान सिंह लोधी, रामस्वरूप अहिरवार, रामगोपाल आदिवासी, मनीष कुमार झा, नारायण प्रसाद कोली, विकास कुमार साहू, पंकज मिश्रा, कपिल पाठक, राजदा बानो, शामिल हैं।
किसी भी जिले में शासन का एक बड़ा बजट सेवा के रूप में शिक्षा और स्वास्थ्य पर आता है। इस बजट का उपयोग आमजन की मदद के लिए हो रहा है, या फिर कागजी घोड़े दौड़ाएं जा रहे हैं, यह देखने के लिए मौके पर जाना पड़ेगा। जब औचक दौरे शुरू किए तो स्कूल ही बंद मिले। डीईओ को कलेक्टर ने नोटिस जारी किया।
बोले विवेक श्रीवास्तव: अब काम करोगे, तो ही वेतन समय पर मिलेगा, अन्यथा इसी तरह की कार्यवाही की जाएगी। हालांकि एक बार जिला शिक्षा अधिकारी ने बातचीत में कहा था कि शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों की कार्यप्रणाली को मैं बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ, कि कौन कैसे मानेगा। तो फिर उन्होंने 100 किमी दूर के शिक्षकों से पता नहीं किया क्या?






