
हरी झंडी के साथ नशे के सौदागरों पर नकेल कसना बेहद जरूरी, तभी बच पाएगा शिवपुरी
नशे से दूरी है जरूरी 2.0″ अभियान का शुभारंभ, पुलिस अधीक्षक ने दिलाई नशे से दूरी की शपथ
15 से 30 जुलाई तक रेलियां, शपथ, प्रतियोगिताओं व नाटकों से करेंगे जागरूक
शिवपुरी। स्मैक जैसे घातक नशे ने शिवपुरी शहर सहित जिले को अपनी मजबूत गिरफ्त में ले लिया है। जिले में स्मैक के प्रचलन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे पकड़ने पर शिवपुरी पुलिस को भोपाल में शाबाशी मिली थी। यह नशा न केवल नई पीढ़ी को खत्म कर रहा है, बल्कि शहर सहित जिले में छोटी चोरियों से लेकर बड़े अपराध तक इसकी वजह से हो रहे हैं। बुधवार को एसपी ने हरी झंडी दिखाकर वाहन जागरूकता रैली को रवाना किया, साथ ही उन्हें नशे के सौदागरों के खिलाफ ईमानदारी से कार्यवाही करने के सख्त निर्देश भी अपने अधीनस्थों को देना चाहिए।
शिवपुरी में अभी तक स्मैक के ओवरडोज से एक दर्जन से अधिक युवाओं की जान चली गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। नशे का यह चलन अब इतना व्यापक हो चुका है कि जिला मुख्यालय के अलावा छोटे-छोटे गांव में लाखों रुपए की स्मैक की खपत हर दिन हो रही है। इस कारोबार को करने वाले इतना मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, कि उसमें से निगरानी करने वालों को हिस्सा देने में उन्हें कोई परहेज नहीं है। जिनके बच्चे इस नशे की गिरफ्त में फंस चुके हैं, उन अभिभावकों को भी पता है कि नशा कौन बेच रहा है, जिस मोहल्ले या गांव में नशे का चलन है, वहां के लोग भी सप्लायर को अच्छी तरह से जानते हैं, तो फिर उस क्षेत्र की पुलिस की नजर से वो कैसे बचा हुआ है..?। कहते हैं कि यदि पुलिस ठान ले तो मंदिर से किसी का जूता चोरी नहीं हो सकता, फिर यह तो नशे का कारोबार है। क्या नशे के इस बड़े खेल में निगरानी करने वाले भी हिस्सेदार हो गए हैं?, क्या सचमुच के बीट प्रभारी को पता नहीं है कि उसके एरिया में स्मैक कौन बेच रहा है? या फिर जान बूझकर अनजान बनने का ढोंग किया जा रहा है। ज्ञात रहे कि पिछले माह में पुलिस कंट्रोल रूम पर पोहरी विधायक एवं पड़ौरा के पटेल एंड संस के रावत बंधु ने एसपी से मांग की थी कि एक नम्बर सार्वजनिक किया जाए,जिस पर स्मैक बिकने की सूचना कोई भी दे सके। वो नंबर आज तक जारी नहीं हो सका।
नशे के लिए उजाड़ रहे शहर की सुंदरता:
स्मैक का नशा करने वाले पहले घर में, फिर पड़ोसी के यहां, तथा उसके बाद शहर में चोरी करते हैं। हद तो यह है कि नालियों पर लगे सीमेंट के ढक्कनों को तोड़कर उसमें से लोहा निकाल रहे हैं, फिजिकल पर रामायण पथ की लाइटें व तार चुरा ले गए, थीम रोड की जालिया कई बार चोरी कर ली गईं। शहर को बदहाल करने में इन नशेड़ियों का भी हाथ है।
यह होंगे नशे से दूर करने के सरकारी कार्यक्रम:
आज 15 से 30 जुलाई तक शहर सहित जिले भर में नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता कार्यक्रम होंगे। जिसमें जनजागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां, परिचर्चाएं, चित्रकला, निबंध, भाषण एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से भी लगातार जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक अभियान का संदेश पहुंच सके।







