July 13, 2026
करेरा के वकील का आरोप: जेल वारंट पर बिना तहसीलदार के हस्ताक्षर कराए 151 के आरोपी को भेजा जेल

करेरा के वकील का आरोप: जेल वारंट पर बिना तहसीलदार के हस्ताक्षर कराए 151 के आरोपी को भेजा जेल

टीआई बोले: जेल वारंट पर हस्ताक्षर हैं, उधर वकील ने तहसील में दिखाई खाली कुर्सी, जेल पर हुई बहस के भी वीडियो वायरल

शिवपुरी। शांति भंग करने की धारा पुरानी 151 एवं नई 170 में अक्सर आरोपी को तहसील कार्यालय से जमानत पर छोड़ दिया जाता है। रविवार को जिले की करेरा तहसील में तहसीलदार से लेकर अन्य अधिकारी गायब थे, पेश किए गए आरोपियों के जेल वारंट पर सक्षम अधिकारी ने हस्ताक्षर नहीं किए, फिर भी करेरा थाना पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। यह आरोप करेरा के एडवोकेट अनिल कुमार दुबे ने लगाते हुए तहसील से लेकर जेल तक के वीडियो भी वायरल किए हैं।

ऐसे समझें पूरा मामला:

शांति भंग करने की धाराएं पुलिस के घर की मानी जाती हैं। कहीं पर विवाद होने पर पुलिस इस धारा को लगाकर आरोपी को पकड़कर तहसीलदार या एसडीएम के समक्ष पेश करती है। चूंकि मामला शांति भंग का होता है, इसलिए अधिकांश मामलों में जमानत तहसील से ही दे दी जाती है। आज रविवार होने की वजह से करेरा तहसील में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी सीट पर नहीं था। इस बीच अमोला एवं करेरा में दर्ज की गई 170 (151) के आरोपी लेकर पुलिसकर्मी तहसील पर पहुंचे। इनमें से एक आरोपी के वकील करेरा के अनिल कुमार दुबे थे, इसलिए वो भी साथ में तहसील कार्यालय पहुंचे।

फिर जो हुआ, उसके वीडियो हुए वायरल:

एडवोकेट जब अपने पक्षकार के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे, तो वहां पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। वहां मौजूद बाबू ने तहसीलदार बनकर कागजी खानापूर्ति करने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख अमोला थाने से भेजा गया आरोपी तो छोड़ दिया गया, लेकिन राजनीतिक संरक्षण में मजबूत करेरा टीआई के निर्देश पर आरोपियों का जेल में पैकअप कर दिया।

सभी घटनाक्रमों के वकील ने बनवाए वीडियो:

करेरा तहसील में अधिकारियों की खाली कुर्सी से लेकर पुलिसकर्मियों से बातचीत के बाद फोन पर तहसीलदार द्वारा बाबू को कागज दिए जाने की बात कहकर फोन काटने से लेकर करेरा जेल में पहुंचाने के सभी वीडियो वकील अनिल कुमार दुबे ने बनवाकर वायरल कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस एवं तहसील की सांठगांठ से आम आदमी की जेब काटने की करतूत को उजागर कर दिया।

बोले टीआई: जेल वारंट में हैं हस्ताक्षर

आज का ही मामला था, जिसमें छत्रपाल एवं अनिल के खिलाफ 170 लगाई थी। जो जेल वारंट बनाया है, उसमें तहसीलदार के हस्ताक्षर हैं। पक्षकार के वकील को भी हम वो कागज नहीं दिखा सकते।
विनोद छावई, टीआई करेरा

करेरा के वकील का आरोप: जेल वारंट पर बिना तहसीलदार के हस्ताक्षर कराए 151 के आरोपी को भेजा जेल
करेरा पुलिस द्वारा जेल भेजे गए आरोपियों के संबंध में सवाल करते वकील

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