
क्या गरीब के बच्चों की जान लेकर ही रहोगे..?, 15 दिन में दूसरे शासकीय स्कूल की छत गिरी
कोलारस विधानसभा के शासकीय स्कूलों में हुआ गुणवत्ताविहीन काम, डीपीसी कार्यालय के इंजीनियर पहले ही भ्रष्टाचार में हैं आरोपी
शिवपुरी। क्या गरीब के बच्चों की जान सस्ती है?, या जिले में हुए भ्रष्टाचार की दीवारें किसी बड़ी जनहानि को आमंत्रण दे रही हैं?। बीते 15 दिन में दूसरे बार शासकीय स्कूल के अतिरिक्त कक्ष की छत भरभरा कर गिर गई। यह तो शुक्र है कि गरीब के साथ ईश्वर है, इसलिए दूसरी बार हुआ यह हादसा छुट्टी के समय ही हुआ, अन्यथा मासूम बच्चों की जान चली जाती। महत्वपूर्ण बात यह है कि डीपीसी कार्यालय में पदस्थ इंजीनियर नगरपालिका में पहले ही भ्रष्टाचार अधिनियम के आरोपी बने हुए हैं।
कोलारस विधानसभा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बादलहारा स्कूल में बने अतिरिक्त कक्ष की छत शनिवार को भरभरा कर गिर गई। यह तो गनीमत रही कि छत गिरने का हादसा शाम 5 बजे तब हुआ, जब स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। स्कूल के प्राचार्य कन्हैयालाल का कहना है कि यह छत अतिरिक्त कक्ष की गिरी है, जो जर्जर होने की वजह से हमने उसमें पहले से ही कक्षाएं लगाना बंद कर दिया था, तथा कक्षाएं पुरानी स्कूल बिल्डिंग के ही लग रही हैं।
बड़ा सवाल यह भी है कि अतिरिक्त कक्ष तो बाद में तब बनाए गए, जब पुरानी स्कूल बिल्डिंग में बच्चों को जगह कम पड़ रही थी, या वो बिल्डिंग जर्जर हो गई थी। अब जबकि नए बने अतिरिक्त कक्ष की छत ही इस तरह भरभरा कर गिरेगी, तो फिर बाद में बने इन स्कूल कक्षों की गुणवत्ता पर कितना भरोसा किया जा सकता है। ज्ञात रहे कि इससे पूर्व बदरवास में भी एक शासकीय स्कूल की छत भरभरा कर गिर चुकी है।
इंजीनियर पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपी::
शिवपुरी के डीपीसी कार्यालय यानि जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ दो इंजीनियर निगम एवं परिहार पहले ही नगरपालिका में किए गए भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी होने के साथ ही जेल की हवा भी खाकर आ चुके हैं। बताते हैं कि जब भी नगरपालिका में उनके और ठेकेदार की गुडविल का अधिकारी आता है, तो यह दोनों इंजीनियर अपना अटैचमेंट नपा में करवा लेते हैं, अन्यथा शिक्षा विभाग में हुए निर्माण कार्यों में तो किस कदर भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी मिसाल तो पिछले 15 दिनों में दो बार स्कूल छतों के गिरने से सामने आ चुका है। इस पूरे खेल का रोचक पहलू यह भी है कि उक्त दोनों आरोपी बने कथित तौर पर इंजीनियर बेकोडोर से वापस शिक्षा विभाग में एंट्री ले चुके हैं।
नेता भी साधे बैठे हैं चुप्पी:
कोलारस विधानसभा से अभी तक सर्वाधिक जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं, तथा वर्तमान भी कोलारस विधायक की बेटी हीं जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इसी विधानसभा में दूसरी बार शासकीय स्कूल की छत भरभरा कर गिर गई, लेकिन किसी भी जिम्मेदार नेता ने इस पर अफसोस तक नहीं जताया। यह सबसे बड़ा अफसोस है।







