
लगने में लगे 5 दिन, उखड़ने में भी 4 दिन लग गए, किराया भी तो 1 करोड़ बताया जा रहा
काश! वाटर प्रूफ टेंट के नीचे की गईं 4500 करोड़ की घोषणाएं पूरी हों, जुमलेबाजी न निकले
शिवपुरी। शहर के मध्य स्थित पोलो ग्राउंड में लगा वॉटरप्रूफ टैंट को लगने में 5 दिन व उखड़ने में 4 दिन लग गए। आखिरकार टेंट का किराया भी तो 1 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। हमारी तो ईश्वर से यही कामना है कि इस टैंट के नीचे की गईं लगभग साढ़े 4 हजार करोड़ की घोषणाएं धरातल पर उतरें, ऐसा न हो कि केंद्र सरकार के नेताओं की तरह यह सभी घोषणाएं जुमलेबाजी न निकले।
गौरतलब है कि पोलो ग्राउंड में बीते 5 जुलाई को हुए कार्यक्रम में शिवपुरी के पाली में 2500 करोड़ रुपए की लागत से अदाणी ग्रुप हथियार बनाने की फैक्ट्री लगाएगा। साथ ही शिवपुरी में 108 फीट ऊंची शिव प्रतिमा की स्थापना, शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में कार्डियो यूनिट के अलावा अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी करोड़ों की सौगात देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने मंच से की हैं। वहां लाई गई भीड़ को तो मंच से की जा रहीं घोषणाओं से ज्यादा लेना-देना नहीं था, लेकिन शिवपुरी की जनता को तो इन सौगातों की आवश्यकता है।
चूंकि मंच पर प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे, तो उनकी घोषणाओं और विश्वास न करना भी गलत होगा। भरोसा भी इसलिए पूरी तरह से नहीं हो पा रहा, क्योंकि ढाई माह पूर्व बदरवास के ग्राम बूढ़ा डोंगर में अदाणी ग्रुप के जिस जैकेट उद्योग का रिबन काटा गया, वो अभी तक शुरू नहीं हो पाया। पहले शिव प्रतिमा सीएसआर की राशि में से लगने वाली थी, अब सीएम ने उसकी घोषणा कर दी है, तो वो गेंद भी सरकार के पाले में चली गई। सीएसआर की जो राशि बचेगी, वो शायद शहर के विकास में कहीं उपयोग की जाएगी।
शिवपुरी के लिए नेताओं की घोषणाओं और आश्वासन के अनुभव कड़वे रहे हैं, इसलिए अब उन पर आसानी से भरोसा नहीं हो पाता है। शिवपुरी में जितने भी बड़े प्रोजेक्ट आए, उनमें लेटलतीफी एवं भ्रष्टाचार का ऐसा ग्रहण लगा कि वो न तो समय पर पूरे हो पाए, और न ही जनता को उनका लाभ ठीक तरह से मिल पाया। अब इन घोषणाओं को देखते हैं कि यह कब तक पूरी हो पाती हैं…??







