
9 वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुआ सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, जिसे बैठक में ऐसे बताया जैसे एकाध माह पहले ही कंप्लीट हुआ हो
SD News ने जब प्लांट को देखा, तो मौजूद कर्मचारी ने एक टैंक की मशीन चलाकर दिखाईं, अवैधानिक कनेक्शनों से आ रहा पानी
शिवपुरी। पिछले माह शिवपुरी में हुई दिशा की बैठक में केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बारे में बताया कि वो भी बनकर तैयार हो गया। उनकी बातचीत से ऐसा लगा कि यह प्लांट एकाध माह पूर्व ही कंप्लीट हुआ हो, लेकिन जब SD न्यूज ने मौके पर जाकर देखा तो यह एसटीपी 9 वर्ष से बनकर तैयार है। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए चैंबरों में अवैधानिक रूप से किए कनेक्शनों से थोड़ा बहुत पानी आ रहा है, जो टैंको में भरा है। इस प्लांट में हवाई पट्टी के सामने के रिहायशी इलाके में किए कनेक्शनों का पानी पहुंच रहा है, जबकि शहर की गंदगी उसमें कभी पहुंच नहीं पाएगी, क्योंकि शहर में सीवर की लाइन कई जगह से टूटकर गायब हो चुकी है।
शिवपुरी के अधिकारी हमारे क्षेत्रीय सांसद को सीवर प्रोजेक्ट कागजों में सफल बताकर कुछ भी बयानबाजी करवा रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। शिवपुरी शहर के नालों में से होकर डाली गई सीवर लाइन के चैंबर गायब हो चुके हैं, तथा नालों की गंदगी शेष बची लाइन में फंस जाने से पूरी लाइन ही जाम हो चुकी है। जिसके चलते यह प्रोजेक्ट किसी भी सूरत में सफल नहीं हो सकता। निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी सांसद के आने पर शहर के दो-चार चैंबरों को खोलकर उनकी सफाई करवाने का ढोंग करके यह बताने का प्रयास करते हैं कि लाइन टेस्टिंग का काम चल रहा है, जबकि सांसद के जाते ही यह काम बंद कर दिया जाता है।
जब हमने ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया, तो वहां पदस्थ कर्मचारी ने बड़े टैंक की मशीन चलाकर बताई कि हम तो तैयार हैं, लेकिन शहर से सीवर का पानी उतनी मात्रा में नहीं आ रहा। महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ही टैंक की मशीन चालू करके बताई, जबकि शेष मशीनरी 9 साल में जंग लगने से न चलने की स्थिति में पहुंच गई हैं। निर्माण एजेंसी को भी पता है कि यह प्रोजेक्ट सफल नहीं होगा, बावजूद इसके अब घरों से कनेक्शन के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत कराने की तैयारी है, ताकि ठेकेदार को भुगतान करने के एवज में अपना कमीशन निकाल सकें, फिर जनता को लाभ मिले या नहीं। उनकी बला से।
पूर्व ईई पर दर्ज हो चुका है लोकायुक्त में मामला:
सीवर प्रोजेक्ट का लाभ भले ही शिवपुरी शहर की जनता को नहीं मिला, लेकिन इस योजना का क्रियान्वयन करने वाली निर्माण एजेंसी पीएचई के पूर्व ईई एसएल बाथम के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज हो चुका है। यह मामल इसलिए दर्ज हुआ, क्योंकि खोदी गई सड़कों को बिना मोटरेबल किए ही ठेकेदार को करोड़ों का भुगतान देकर अपना बड़ा हिस्सा ईई ने ले लिया था। कुछ कॉलोनी के लोगों ने जब फोटो सहित लोकयुक्त में शिकायत की, तो प्रकरण पंजीबद्ध हो गया।








