
मौसम बदला-चली आंधी: चंद पलों में खुशनुमा माहौल बदला दहशत में, फिर पसरा मौत का मातम
बरगी क्रूज दुर्घटना ने कर दी हर आंख नम, मां – बेटे की फोटो को सीएम ने गलत ठहराया, पर चूक तो हुई, यह मानना पड़ेगा
शिवपुरी से सैमुअल दास:मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने डैम में क्रूज से घूमने गए 40 से अधिक लोगों ने गुरुवार को पानी की लहरों पर पहले तो एंजॉय किया, लेकिन एकाएक आई आंधी ने क्रूज को पलट दिया। चंद पलों में सब कुछ बदल गया, लाइफ जैकेट पहने हुए लोग बच गए, बाकी पानी में डूब गए। एक मां की छाती से चिपके मासूम बच्चे का फोटो वायरल हुआ, तो उसे देखने वाली हर आंख नम हो गई। इसी बीच मप्र के मुख्यमंत्री की तरफ से जबलपुर जनसंपर्क ने उक्त फोटो को एआई या अन्य से बनी होने की बात लिखकर उसे झुठलाया है। सच्चाई जो भी हो, लेकिन इस हादसे में नियमों की कहीं न कहीं अनदेखी तो हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
पानी की लहरें ही बन गईं मौत की सवारी::
नर्मदा नदी पर बने डैम में पानी अधिक भरा हुआ था, तथा जब तक मौसम सामान्य था, तब तक तो पानी की लहरें उसमें बैठे लोगों को आनंद दे रहीं थीं, लेकिन एकाएक आई मौत की आंधी ने पानी की उन लहरों को ही मौत की सवारी बना दिया। किनारा महज 100 मीटर दूर रह गया था, लेकिन काल ने उन्हें यह दूरी भी तय नहीं करने दी। गुरुवार को जब कई जिलों में मौसम बदला और तेज आंधी व बारिश हुई तो देश के कई हिस्सों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, तो वहीं दूसरी ओर क्रूज पर सवार एक दर्जन से अधिक लोगों की जिंदगी छीन ली। इस हादसे ने कई परिवारों को जीवन भर का दर्द दे दिया।
हादसे के पीछे कई बड़े सवाल:

- क्रूज पर कितने लोगों की क्षमता है, तथा उस पर घटना के समय कितने सवार थे?
- यह क्रूज एमपी टूरिज्म का था, तो क्या लोगों को घुमाने से पहले आंधी की पूर्व जानकारी मौसम विभाग ने नहीं दी थी? या फिर पता ही नहीं किया?
- क्रूज में सवार लोगों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होता है, फिर इस नियम का पालन क्यों नहीं किया गया?
- क्या क्रूज पर नियम से अधिक सवारी बिठाने से लाइफ जैकेट कम पड़ गईं?, ओवरलोडिंग में हुआ क्या यह हादसा?
- नियमों की चूक जो भी रही, लेकिन अब फिर कोई ऐसा दर्दनाक हादसा न हो, यह सरकार को देखना होगा।






