
थीम रोड पर करोड़ों की जमीन का केस सेशन में गवाही न कराकर हारी नपा, अब हाईकोर्ट में अपील करने पहुंची
मामला गुरुद्वारे के पास अरोरा सहित 7 लोगों की जमीन का: शासन ने गवाही में शासकीय बताया, नपा के भ्रष्टों ने कथित सौदा कर साधी थी चुप्पी
शिवपुरी। नगरपालिका के जिम्मेदारों ने शिवपुरी शहर के बीचोबीच गुरुद्वारा चौक के पास करोड़ों की जमीन पर पहले तो चुप्पी साध ली, फिर जब प्रशासन का डंडा पड़ा तो हाईकोर्ट में अपील करने पहुंच गए।
ज्ञात रहे कि यह मामला पूर्व कलेक्टर के संज्ञान में दस्तावेजों सहित लाया गया था। इसमें नपा ने जिस सर्वे नंबर की जमीन बेची है, वो शासकीय है, जिसका नोटिस पूर्व एसडीएम रूपेश उपाध्याय ने दिया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि एडीजे कोर्ट में शासन ने तो ठोक कर गवाही दी थी कि जमीन शासकीय है, लेकिन नपा ने कोई गवाही नहीं करवाई थी, इसलिए सेशन से जमीन मालिक अरोरा सहित अन्य 7 लोग केस जीत गए थे, लेकिन अब नपा ने उस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। नपा के वकील बताते हैं कि नपा को जमीन बेचने का अधिकार नहीं है, लेकिन शहर में बहुत जगह नपा ने जमीन बेची है।
यह है मामला:
गुरुद्वारा चौक एवं माधव चौक के बीच स्थित नाले के किनारे लगभग 6 बीघा जमीन (अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपए) को खरीदने वाले 7 लोग हैं। यह जमीन नगरपालिका ने उक्त लोगों को बेची है, जबकि वो जमीन राजस्व की शासकीय है। पूर्व एसडीएम रूपेश उपाध्याय ने जब सभी संबंधितों को अतिक्रामक मानकर नोटिस जारी किए थे। चूंकि राजस्व नक्शे में उक्त जमीन के शासकीय सर्वे नंबर दिख रहे हैं। उक्त नोटिस के विरुद्ध अरोरा एंड 7, लोगों ने न्यायालय की शरण ली। एडीजे कोर्ट से इसी वर्ष निर्णय अरोरा एंड 7, के पक्ष में हुआ, क्योंकि केस के नगरपालिका ने कोई गवाही ही नहीं करवाई। केस जीतने की अभी वो ठीक से खुशी मना भी नहीं पाए थे कि नपा ने उक्त निर्णय के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपील कर दी है।
नपा के वकील ने यह बताया::
शिवपुरी नपा ने उक्त जमीन ब्लॉक बनाकर बेची थी, जिसमें सर्वे नंबर नहीं थे। पूर्व एसडीएम ने उक्त जमीन को शासकीय बताते हुए सभी 7 लोगों को अतिक्रामक मानकर नोटिस दिया था। वो जमीन नपा बेच ही नहीं सकती, जबकि सच्चाई यह है कि शहर में नपा ने ऐसी बहुत सी जमीन बेची हैं। एडीजे कोर्ट शिवपुरी से निर्णय गलत हुआ है, इसलिए हमने हाईकोर्ट में अपील की है।
वरिष्ठ एडवोकेट गिरीश गुप्ता, नपा के वकील







